राशन की हेराफेरी में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के तीन संचालकों पर केस दर्ज
खरखौदा। राशन कार्डों की यूनिट कटने के बावजूद खाद्यान्न का वितरण किए जाने के मामले में जांच में दोषी पाए जाने पर गांव नरहाडा, अल्लीपुर व गांव बिजौली के सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के तीन संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं में खरखौदा थाने में मामला दर्ज कराया गया है।
जिला मेरठ में साल 2018 में मई से जुलाई में राशन कार्ड यूनिट निरस्त होने के बावजूद उचित दर विक्रेताओं द्वारा खाद्यान्न उठाकर ब्लैक मार्केट में राशन बेचने के मामले में खाद्य व रसद विभाग द्वारा जांच कराई गई थी। जिसमें खाद्य विभाग प्रकोष्ठ के निरीक्षक ने गांव अल्लीपुर के दुकान संचालक नसीम अहमद के राशन वितरण की जांच की। जिसमें पाया कि नसीम अहमद को अप्रैल, मई व जून 2018 में 2246 यूनिट, जुलाई माह में 2084 यूनिट पर गेहूं व चावल का आवंटन किया था। दुकान संचालक ने राशन उठाकर अप्रैल व मई 2018 में 2246 यूनिट, जून माह में 2084 यूनिट व जुलाई माह में 1779 यूनिट खाद्यान्न बांटा था। वितरण के उपरांत अप्रैल, मई, जून और जुलाई में निरस्त 1319 यूनिट के सापेक्ष 467 यूनिट का खाद्यान्न अवशेष रह गया था। जबकि 852 यूनिटों का खाद्यान्न फर्जी वितरण प्रदर्शित किया था।
गांव बिजौली में दुकान संचालक अनिल कुमार ने भी इन चार माह में कुल 1359 यूनिटों का खाद्यान्न उठाकर फर्जी रूप से वितरित करना दर्शाया था। गांव नरहाड़ा निवासी दुकान संचालक सुनील कुमार द्वारा भी इन चार माह में निरस्त कुल 844 यूनिट के नाम का खाद्यान्न फर्जी रूप से वितरित दर्शाया था।
अधिकारियों की जांच में तीनों दुकान संचालकों द्वारा राशन कार्डों की यूनिट कट जाने के बावजूद फर्जी रूप से राशन वितरण करने के मामले में खरखौदा थाने में बृहस्पतिवार को धारा 409, 420, 467, 468, 471 सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कराया गया है। वहीं इन सभी की दुकानों के अनुबंध पत्र भी निरस्त कर दिए हैं।