शामली। पांच महीने तक चली जांच प्रक्रिया के बाद दवा व्यापारी की तरफ से कोतवाली पुलिस की फर्जी मुहर तैयार कराकर उस पर किसी अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर करने का मामला एसपी के आदेश पर शहर कोतवाली में दर्ज किया गया है।
मोहल्ला काकानगर निवासी दवा व्यापारी आशीष कुमार ने बताया कि लोकेश कुमार निवासी आर्यपुरी ने कुछ समय के लिए उससे सात लाख रुपये उधार लिए थे। रकम वापस देने के लिए उसने उसने उन्हें चेक दिए थे। चेक बाउंस हो गए थे। इस मामले में उसने न्यायालय में वाद दायर कराया था।
इस मुकदमे में बचाव के लिए लोकेश कुमार ने तीन चेक गुम होने के संबंध में 19 मई 2022 काे कोतवाली में प्रार्थना पत्र दिया। आशीष के मुताबिक उसे जब इसका पता चला तो उन्होंने जनसूचना के अधिकार के तहत कोतवाली से जानकारी मांगी, जिसके जवाब में इस तरह का कोई प्रार्थना पत्र कोतवाली के रिकाॅर्ड में दर्ज होना नहीं पाया गया।
इसका खुलासा होने पर आशीष ने पांच माह पहले लोकेश कुमार पर उसे नुकसान पहुंचाने की कोशिश करने की नीयत से धोखाधड़ी कर कोतवाली पुलिस की फर्जी मुहर तैयार करने और किसी अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर बनाने का आरोप लगाते हुए एसपी को प्रार्थना पत्र दिया था।
एसपी के निर्देश पर दो बार सीओ सिटी द्वारा जांच की गई। जांच रिपोर्ट को संदिग्ध मानते हुए उसने एसपी से किसी एजेंसी द्वारा जांच कराने की मांग की।
इसके बाद एएसपी ने प्रकरण की जांच कर एसपी को रिपोर्ट सौंपी। पांच माह तक चली जांच प्रक्रिया के बाद एसपी के आदेश पर शहर कोतवाली में लोकेश कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है।