यूपी के बिजनौर जिले में एमएस में एडमिशन दिलाने के नाम पर एक चिकित्सक से 65 लाख रुपये ठग लिए गए। चिकित्सक ने तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
गांव बिसाठ निवासी डॉ. सोहित कुमार ने बताया कि ऊधमसिंह नगर निवासी विजयपाल सिंह का बेटा नीतीश उनके साथ गवर्मेंट मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी से एमबीबीएस कर रहा था। एमबीबीएस करने के बाद वह हिमालय इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस जौलीग्रांट से एमएस करना चाहते थे। इसका पता नीतीश को चला। नीतीश ने बताया कि उसके पिता शुगर मिल नांगल सहारनपुर में जीएम हैं। उनकी जान पहचान देहरादून निवासी राजकुमार कर्णवाल से है जो लाइजनिंग का काम करता है। नीतीश ने बताया कि उसके पिता राजकुमार कर्णवाल से मिलकर उसका एडमिशन करा देंगे। दिसंबर 2015 में तीनों उनके घर आए और बताया कि एडमिशन में 75 लाख रुपये लगेंगे। इतने रुपये देने में उन्होंने असमर्थतता जताई तो वे 65 लाख पर राजी हो गए। उन्होंने गीता नगरी अपने घर में उन्हें पहली बार दस लाख रुपये दिए। इसके बाद इनके खाते में 55 लाख रुपये ट्रांसफर किए।
एडमिशन न होने पर उन्होंने अपने रुपये वापस मांगे तो 16 दिसंबर 2016 को नीतीश, विजयपाल ने राजकुमार से उसी के एकाउंट का 65 लाख रुपये का चेक दिलाया जो एकाउंट में पर्याप्त राशि न होने के कारण बाउंस हो गया। इस पर राजकुमार ने कहा कि उसके प्लाट बिकने वाले हैं, वह जल्दी रुपया लौटा देगा। नीतीश और विजयपाल ने उसकी गारंटी ली। राजकुमार ने 15 मई 2019 को अपने खाते का 65 लाख रुपये का एक और चेक दिया तो वो भी बाउंस हो गया। इस बीच मेरठ में एक बड़ी ठगी के मामले में राजकुमार जेल चला गया है। नीतीश महाराष्ट्र में कमल नायन बजाज हॉस्पिटल औरंगाबाद में पीजी कर रहा है। उनसे मिली रकम से उसने एडमिशन लिया है। उन्होंने नीतीश और उसके पिता से रुपये देने के लिए कहा तो दोनों से साफ इंकार कर दिया और जान से मारने की धमकी दी।
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