सपा नेता कार्तिकेय राणा ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। मजनू वाला रोड स्थित सभागार में पत्रकार वार्ता में कार्तिकेय राणा ने कहा कि शिमलाना गांव के किसान मोहन राणा ने तहसीलदार रामपुर मनिहारान पर आरोप लगाया था कि चकरोड के काम के नाम पर रुपये लिए गए थे। इसके बावजूद काम नहीं किया है। बीती दो दिसंबर को इस संबंध में वह बात करने के लिए तहसीलदार कमलेश कुमार के कार्यालय में गए थे। जहां उन्होंने तहसीलदार से दी गई रकम ब्याज समेत पीड़ित किसान को वापस दिलवाई थी।
इस दौरान उनकी ओर से कोई अभद्र व्यवहार या जाति सूचक शब्दों का प्रयोग नहीं किया गया। उनका यह कार्य सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद डीएम ने तहसीलदार को रामपुर मनिहारान से हटाते हुए अपने कार्यालय से अटैच कर दिया। कार्तिकेय ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि तहसीलदार सही थे तो डीएम ने उन्हें तहसील से क्यों हटाया। तहसीलदार ने उन पर जो आरोप लगाए हैं, यदि उनका सबूत उच्च अधिकारियों के पास है, तो वह साथियों सहित गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हैं। पत्रकार वार्ता में मोहन राणा, केपी सिंह, सुखपाल राणा, रोबिन सिंह ठकराल आदि मौजूद रहे।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/