डिलीवरी के बाद लगातार उनके पेट में दर्द रहने लगा। वह कई बार डॉ. शिखा जैन के पास गई। उन्होंने रजनी शर्मा का कई बार चेकअप किया और पेट में अल्सर होने की बात कहते हुए दवा दे दी। इससे आराम नहीं मिला और हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
तब डॉ. शिखा जैन ने उन्हें ऑपरेशन कराने की सलाह दी। इसमें करीब 4-5 लाख रुपये का खर्चा बताया। पीड़िता ने बाद में मेडिकल कॉलेज में अपना उपचार कराया। यहां दो ऑपरेशन हुए। जबकि डॉ. शिखा जैन ने कई बार उनके अल्ट्रासाउंड कराए और दवा देती रही।
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इसकी शिकायत उन्होंने कई अधिकारियों समेत सीएमओ से भी की। आरोप है कि जांच में सामने आया कि डॉ. शिखा जैन की लापरवाही से ऑपरेशन के दौरान उनके पेट में रुई रह गई थी।
उन्होंने थाने में डॉ. शिखा जैन के खिलाफ शिकायत की, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। कोर्ट ने टीपीनगर पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच करने के आदेश दिए थे।