फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut: ऑपरेशन के दौरान पेट में छोड़ा रुई का बंडल, चिकित्सक पर केस दर्ज, पांच साल तक बिगड़ती रही महिला की हालत

Sat, 29 Mar 2025 12:12 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ में चिकित्सक की लापरवाही का एक और बड़ा मामला सामने आया है। यहां पांच साल पहले किए ऑपरेशन के दाैरान पेट में रुई का पूरा बंडल ही छोड़ दिया। महिला की पांच साल तक हालत बिगड़ती रही। पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
 
विज्ञापन
ऑपरेशन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मेरठ में पांच साल पहले डिलीवरी के ऑपरेशन के दौरान पेट में रुई का बंडल छोड़ने के मामले में डॉ. शिखा जैन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। रासना गांव की पीड़िता रजनी शर्मा की शिकायत व कोर्ट के आदेश पर टीपीनगर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
विज्ञापन


कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में रासना निवासी रजनी शर्मा ने बताया कि 30 जून 2018 को उन्होंने सिरोही नर्सिंग होम में बेटी को जन्म दिया था। डिलीवरी ऑपरेशन से डॉ. शिखा जैन ने कराई थी। 

यह भी पढ़ें: मेरठ में ईडी की बड़ी कार्रवाई: रंजना एसोसिएट्स की 69.50 लाख रुपये की संपत्ति जब्त, ये है पूरा मामला
विज्ञापन

 

डिलीवरी के बाद लगातार उनके पेट में दर्द रहने लगा। वह कई बार डॉ. शिखा जैन के पास गई। उन्होंने रजनी शर्मा का कई बार चेकअप किया और पेट में अल्सर होने की बात कहते हुए दवा दे दी। इससे आराम नहीं मिला और हालत लगातार बिगड़ती चली गई।

तब डॉ. शिखा जैन ने उन्हें ऑपरेशन कराने की सलाह दी। इसमें करीब 4-5 लाख रुपये का खर्चा बताया। पीड़िता ने बाद में मेडिकल कॉलेज में अपना उपचार कराया। यहां दो ऑपरेशन हुए। जबकि डॉ. शिखा जैन ने कई बार उनके अल्ट्रासाउंड कराए और दवा देती रही। 

यह भी पढ़ें: साैरभ हत्याकांड: जेल में इस चीज के लिए तड़प रहे साहिल और मुस्कान, जेल अधीकक्षक से लगाई गुहार, वकील भी मिलने गए
विज्ञापन

इसकी शिकायत उन्होंने कई अधिकारियों समेत सीएमओ से भी की। आरोप है कि जांच में सामने आया कि डॉ. शिखा जैन की लापरवाही से ऑपरेशन के दौरान उनके पेट में रुई रह गई थी। 

उन्होंने थाने में डॉ. शिखा जैन के खिलाफ शिकायत की, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। कोर्ट ने टीपीनगर पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच करने के आदेश दिए थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें