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टोल पर सेना के जवान से मारपीट और तोड़फोड़ के मामले में 180 अज्ञात लोगों पर मुकदमा

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- मेरठ-करनाल रोड पर स्थित भूनी टोल का मामला, प्रशासन ने शुरू की कार्रवाई, ग्रामीणों में रोष
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरूरपुर (मेरठ)। मेरठ-करनाल हाईवे स्थित भूनी टोल प्लाजा पर 18 अगस्त को सेना के जवान कपिल के साथ की गई मारपीट के बाद शुरू हुआ विवाद अब और गहरा गया है। विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों द्वारा टोल पर की गई तोड़फोड़, हंगामा और रोड जाम के मामले में टोल कंपनी के अधिकारी की शिकायत पर 180 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
कंपनी की तरफ से दर्ज कराए गए मुकदमे में बताया गया कि सेना के जवान के साथ हुई मारपीट के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने टोल प्लाजा पर लगे बैरियर बूम, कैमरे, कंप्यूटर सिस्टम, एलसीडी डिस्प्ले, रीडिंग सेंसर और बूथ को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था। इतना ही नहीं, भीड़ ने कंट्रोल रूम में घुसकर कैमरे, एसी, कंप्यूटर, फर्नीचर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भी तोड़ डाला था। इस संबंध में टोल कंपनी मेसर्स धर्म सिंह के आईटी हेड अमित कुमार की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर सरूरपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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पुलिस का कहना है कि टोल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की सहायता से तोड़फोड़ करने वालों की पहचान की जा रही है। पहचान के बाद नामजद कर मुकदमे में संशोधन किया जाएगा। पुलिस का दावा है कि जल्द ही दोषियों को चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, ग्रामीणों का कहना है कि सेना के जवान के साथ टोलकर्मियों ने बर्बरता की थी, जिससे आक्रोश भड़क गया।
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ग्रामीणों ने जवान के सम्मान में विरोध जताते हुए टोल प्लाजा पर धरना व हंगामा किया। उनका कहना है कि यदि टोलकर्मी जवान से मारपीट नहीं करते तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती। ग्रामीणों का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक संगीत सोम और भाजपा जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा की मौजूदगी में प्रशासन ने यह आश्वासन दिया था कि किसी ग्रामीण पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। इसी आश्वासन के बाद धरना-प्रदर्शन समाप्त किया गया था, लेकिन अब मुकदमा दर्ज होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।
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