मेरठ। छह माह पहले विकास कार्योँ के टेंडर लेने के बाद भी कुछ ठेकेदारों ने काम शुरू नहीं किए हैं। ऐसे सभी ठेकेदारों पर निगम अधिकारियों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। चीफ इंजीनियर ने ऐसे सभी ठेकेदारों की सूची मांगी है। ताकि ऐसे ठेकेदारों को काली सूची में शामिल किया जा सके।
नगर निगम में 300 से अधिक पंजीकृत ठेकेदार हैं। अधिकतर सभी ठेकेदार कार्यों की टेंडर प्रक्रिया में भाग लेते हैं। इनमें से कई ठेकेदार ऐसे भी हैं जो अपनी हैसियत से अधिक खर्च के विकास कार्य ले लेते हैं। ऐसे में वे निर्धारित समय सीमा में न तो काम शुरू कर पाते हैं और न ही पूरा करते हैं।