सुरक्षा व्यवस्था चौकस
कस्बे में नाला प्रकरण को लेकर सन 2012 में कस्बे की स्थिति खराब होने से बाल बाल बची थी। जिसके लेकर प्रशासन ने नाले प्रकरण को हल्केपन में नहीं लिया। प्रशासन ने इसकी थ्योरी पर रिसर्च कर कस्बे की स्थिति को जाना और नाला प्रकरण को लेकर पिछले कई दिनों से इस पर योजना तैयारी की, जिसको लेकर उन्होंने दो दर्जन लोगों पर पांच-पांच लाख रुपयों के पाबंद मुचलके की कार्रवाई की। इस मामले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसपी देहात नेपाल सिंह द्वारा थाने में बैठकर तमाम स्थिति पर नजर रखे हुए थे। उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से ही कई थानों की पुलिस व पीएसी कस्बे के मेन चौपलों व मदरसे के आसपास लगा दी गई थी।
मीनार गिरने से एक बड़ा हादसा होने से बचा
प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटवाते हुए मदरसे के कोने पर कमरे को गिराते समय उसके ऊपर बनी मीनार अचानक गिर गई। जिसकी चपेट में चक्की संचालक महेश चंद शर्मा व जेसीबी चालक आने से बाल बाल बचे। मीनार गिरते देख कई लोग बच गए। वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
ड्रोन की निगरानी में हुई मदरसा पर कार्रवाई
प्रशासन पूर्व हो चुके विवादों को लेकर पूरी तरह से गंभीर था। इसलिए एसडीएम इंद्राकांत द्विवेदी ने अतिक्रमण हटवाने की तमाम कार्रवाई को ड्रोन में कैद करवाया। उधर, मदरसा संचालक मौलाना नजीर अहमद कासमी का अपना एक समाज में वर्चस्व रहा है। सन 2013 में दंगों के दौरान तत्कालीन सपा सरकार ने विशेष विमान से मौलाना को लखनऊ बुलाकर मेहमाननवाजी की थी। उसके बाद सपा सरकार ने मौलाना को वाई श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की थी। उस वक्त मौलाना के पास कस्बे के लोग काफी संख्या में आते जाते थे।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/