बेहट के दयालपुर में वन विभाग द्वारा लगाए गए कैमरे में कैद हुई तस्वीर।
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कैमरे में कैद हुआ जानवर, फुटेज देहरादून भेजी
बेहट (सहारनपुर)। दयालपुर के जंगल में लगाए गए मोशन कैमरों में बुधवार तड़के एक जानवर कैद हुआ है। देखने में यह जानवर कुत्ते जैसा ही है। यही जानवर मासूम बच्चों का कातिल है या कोई और जानवर है, यह स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पा रही है। वन विभाग ने कैमरे में आए जानवर का पता लगाने के लिए फुटेज को जांच के लिए देहरादून भेजा है।
बेहट कोतवाली के गांव दयालपुर में 26 जून की रात में रजनीश के तीन महीने के बेटे अभिमन्यु और उसके बाद 28 जून की रात में ओम करण के 28 दिन के बच्चे को कुत्ते जैसा जानवर उठाकर ले गया था। बाद में दोनों बच्चों के शव मिले थे। प्रशासन और वन विभाग की टीम ने गांव के आसपास जंगल में मौजूद सभी आवारा कुत्तों को पकड़ लिया था। इसके बाद भी गांव में मासूमों पर हमले हो रहे हैं। मंगलवार की रात मोनू के आठ महीने के बच्चे को किसी जानवर ने उठाने का प्रयास किया। पहले भी एक बच्चे के साथ इसी तरह की घटना हो चुकी है। मंगलवार की रात की घटना के बाद वन विभाग की टीम ने फिर से गांव के पास जंगल में एक गन्ने के खेत के पास मोशन सेंसर कैमरे लगाए थे, जिसमें 10 जून की तड़के 2 बजकर 54 मिनट पर कुत्ते की तरह दिखने वाले एक जानवर की तस्वीर कैद हुई है, लेकिन वन विभाग की स्थानीय टीम तस्वीर साफ न होने के कारण उसके बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं बता पा रही है। ग्रामीण अपने मासूम बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है। इस मामले में शिवालिक वन प्रभाग के एसडीओ एनपी त्रिपाठी का कहना है कि अभी तक कुछ क्लियर नहीं है। कैमरे में जिस जानवर की तस्वीर कैद हुई है उसका पता लगाने के लिए फुटेज देहरादून भेजी गई है। कुछ लोग भेड़िए की बात कह रहे है, लेकिन अभी तक इस क्षेत्र में भेड़िया नहीं देखा गया। प्रथम दृष्टया कैमरे में कैद हुई तस्वीर कुत्ते की लग रही है। वन संरक्षक वीके जैन का कहना है कि काफी समय से कैमरा लगाया हुआ है, लेकिन अभी तक कोई ऐसा जानवर कैमरे में नहीं आया है, जो बच्चों पर हमला कर रहा हो। हो सकता है कोई कुत्ता कैमरे के सामने आ गया हो।