वेस्ट एंड रोड पर जाम की बड़ी समस्या और बच्चों पर आतंकी खतरे को देखते हुए कैंट बोर्ड के जीओसी ने बड़ा फैसला लिया है। शहर के बड़े स्कूलों वाली इस रोड को सुबह और दोपहर के समय 45-45 मिनट के लिए आम जनता के लिए बंद कर दिया जाएगा। स्कूली बच्चे, स्कूली वाहन और बच्चों को छोड़ने आने वाले अभिभावक ही अपने वाहनों को लेकर इस रोड पर आ सकेंगे। रोड के दोनों तरफ बैरियर लगाकर यातायात को नियंत्रित किया जाएगा। नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
कैंट बोर्ड अध्यक्ष मेजर जनरल केएम सिंह की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को विशेष बोर्ड बैठक हुई। बैठक निर्धारित समय से 20 मिनट देरी से दोपहर 12.20 बजे शुरू हुई। बोर्ड उपाध्यक्ष बीना वाधवा, सभासद विपिन सोढ़ी ने वेस्ट रोड स्थित सभी स्कूलों को कैंट बोर्ड द्वारा नोटिस भेजे जाने पर विरोध जताया। अध्यक्ष मेजर जनरल केएम सिंह ने विस्तार से मामले को सुना।
इसके बाद सीईओ राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि वेस्ट एंड रोड पर एक लाइन से दर्शन एकेडमी, ऋषभ एकेडमी, दीवान पब्लिक स्कूल, सनातन धर्म इंटर कालेज, मेरठ पब्लिक स्कूल, गुरुतेग बहादुर पब्लिक स्कूल और एमपीजीएस हैं। इनमें ज्यादातर स्कूल बड़े और नामचीन हैं। इनमें हजारों बच्चे पढ़ाई करते हैं। ऐसे में स्कूल खुलने के समय एक घंटा और छुट्टी के समय करीब दो घंटे तक रोड पर जाम लगा रहता है।
स्कूल खुलने पर वाहन बच्चों को छोड़कर चले जाते हैं। लेकिन छुट्टी के समय स्कूल के बाहर थ्री व्हीलर, कारें, दुपहिया वाहन बच्चों को घर ले जाने के लिए खड़े रहते हैं। इसके अलावा खाद्य पदार्थों के ठेले आदि भी सड़क को घेरे रहते हैं। कई बार जाम के विषय में स्कूल संचालकों से वार्ता की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। इसी आधार पर इन्हें नोटिस भेजे हैं।
बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि कैंट क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण है। आतंकी भी बच्चों को टारगेट कर रहे हैं। ऐसे में इन बच्चों की सुरक्षा महत्त्वपूर्ण है। इस मार्ग को दोनों तरफ बैरियर लगाकर स्कूल खुलने और छुट्टी के समय 45-45 मिनट तक बंद रखा जाएगा। फिर भी कोई वाहन खड़ा करता है, तो जुर्माना लगाया जाएगा। स्कूल प्रबंधकों पर भी यह आदेश लागू होगा। जल्द ही विस्तृत योजना बनाकर इस प्लान को नए सत्र में लागू कर दिया जाएगा। बैठक में लेफ्टिनेंट कर्नल अतुल पुठिया, रिनी जैन, बुशरा कमाल, मंजू गोयल, धर्मेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।