कैंसर, यह शब्द सुनकर ही रूह कांप जाती है। मगर एक बेटी ने न सिर्फ कैंसर से जंग जीती, बल्कि इंटरमीडिएट में 84 फीसदी अंक भी पाए। यह होनहार और हिम्मती बिटिया है निधि आर्य। निधि वेस्टर्न रोड स्थित एमपीजीएस की छात्रा हैं। उसने बताया कि मुझे 2012 में पता चला था कि ब्लड कैंसर है। इसके बाद इलाज शुरू हुआ। चार साल कीमोथेरेपी चली। 2016 में कैंसर से जंग जीती और अब इंटरमीडिएट में सफलता पाई। इंटरमीडिएट में उसने अंग्रेजी और पेंटिंग में 90 प्रतिशत अंक पाए हैं। वह आर्यनगर कंकरखेड़ा में रहती हैं। पिता मनीष आर्य दुकानदार हैं। माता चंचल घरेलू महिला हैं और पति का हाथ भी बंटाती हैं। छोटा भाई रितिक 8वीं में पढ़ता है।
जुड़वा भाइयों ने पाई सफलता
मेरठ। मेरठ पब्लिक स्कूल में विज्ञान स्ट्रीम (पीसीएम) के स्टूडेंट्स सक्षम और समर्थ बंसल जुड़वा भाई हैं। दोनों ने इस साल इंटरमीडिएट में अच्छे अंक प्राप्त किए हैं। सक्षम एमपीएस टॉपर हैं, उनके98.6 प्रतिशत अंक हैं। वहीं भाई समर्थ के 97 प्रतिशत अंक हैं। दोनों भाइयों ने बताया कि वह अलग-अलग पढ़ाई करते थे। हाईस्कूल में इनके 10 सीजीपीए थे। इनका परिवार बागपत रोड पर रहता है। मां घरेलू महिला और पिता कारोबारी हैं। दो बहनें हैं। उनकी शादी हो चुकी है।