मेरठ कॉलेज में कैंसर पर हुई कार्यशाला
विश्व कैंसर दिवस पर मेरठ कॉलेज की चिकित्सा समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कैंसर विशेषज्ञ डॉ. सुभाष सिंह ने समाज में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कैंसर अब लाइलाज नहीं, लेकिन समय पर निदान और उपचार न होने पर यह जानलेवा हो सकता है। शुरुआती स्टेज में स्क्रीनिंग से कैंसर पूरी तरह ठीक हो सकता है।
डॉ. सिंह ने बताया कि भारत में प्रतिवर्ष करीब 18 लाख नए कैंसर मामले सामने आते हैं जिनमें से 80 प्रतिशत तीसरे या एडवांस स्टेज में पाए जाते हैं जिससे हर साल 12 लाख से अधिक मरीजों की मौत हो जाती है। पहले जहां एक लाख लोगों पर 20-30 कैंसर केस होते थे, अब यह संख्या 200-300 तक पहुंच गई है। उन्होंने मेरठ क्षेत्र में गॉल ब्लैडर कैंसर के अधिक मामलों का जिक्र किया।
जीवनशैली से जुड़े हैं 95% कारण
उन्होंने स्पष्ट किया कि कैंसर के 90-95 प्रतिशत कारण जीवनशैली से जुड़े हैं जैसे तंबाकू, दूषित भोजन, निष्क्रिय जीवन, शराब, मोटापा और प्रदूषण। महिलाओं में स्तन और सर्वाइकल कैंसर बढ़ रहा है जिसका कारण देर से शादी या एचपीवी वायरस है। 9-14 वर्ष की लड़कियों को एचपीवी वैक्सीन से सर्वाइकल कैंसर का खतरा लगभग समाप्त हो जाता है। मोबाइल रेडिएशन से बच्चों में ब्रेन ट्यूमर बढ़ रहा है। डॉ. सिंह के अनुसार 70 प्रतिशत कैंसर निवारण योग्य हैं। फल-सब्जियां, रासायनिक मुक्त भोजन, नियमित व्यायाम और तनाव मुक्त जीवनशैली से जोखिम कम किया जा सकता है। इस अवसर पर प्रो. सचिन शर्मा, प्रो. विभा तोमर, प्रो. नीलम पंवार, प्रो. नीरज कुमार सहित अन्य प्राध्यापक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।