- मेरठ सहित 24 गांवों में महिलाओं को किया जाएगा जागरूक
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की महिला सशक्तिकरण इकाई संतुलन प्रकल्प ने ग्रामीण क्षेत्रों में लिंग असमानता दूर करने का बीड़ा उठाया है। संस्थान की मेरठ शाखा ने मेरठ, हापुड़, मुजफ्फरनगर और बागपत जिलों के 24 गांवों में नारियों को छह माह में सशक्त बनाने का संकल्प लिया है। साध्वी प्रपूर्णा भारती ने बताया कि मार्च 2026 तक चलने वाले सशक्त नारी समृद्ध परिवार अभियान के तहत सौ से अधिक कार्यशालाएं की जाएंगी।
साध्वी ने बताया कि संस्थान के संस्थापक आशुतोष महाराज मानते हैं कि लिंग असमानता का मूल कारण मनुष्य की मानसिकता है। जब तक मानसिकता नहीं बदलेगी, तब तक समाज नहीं बदलेगा। संतुलन प्रकल्प इसी मानसिक परिवर्तन पर काम कर रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में गहरी पितृसत्ता, शिक्षा की कमी, वित्तीय समावेशन से दूरी और लिंग आधारित हिंसा जैसी चुनौतियों से जूझ रही महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए संस्थान फोरम थिएटर, प्रेरणादायक प्रदर्शनियां, एकल परामर्श, सामूहिक चर्चा और मनोरंजक गतिविधियां कराएगा।
मेरठ शाखा संयोजक साध्वी आर्या भारती ने बताया कि ग्रामीण महिला कृषि और अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उसका सशक्तिकरण पूरे परिवार और समाज को मजबूत बनाता है। हमारा लक्ष्य महिलाओं को उनके अधिकारों की जानकारी देना, सम्मान दिलाना और आत्मनिर्भर बनाना है। कार्यक्रमों में महिलाओं के साथ पुरुष, बच्चे, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक और स्वास्थ्यकर्मी भी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि ग्लोबल हेड साध्वी दीपिका भारती भी कुछ कार्यशालाओं में मेरठ आएंगी और स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन करेंगी।