फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

PMO ऑफिस से करता था अधिकारियों को कॉल, पुलिस ने दबोचा तो खुल गए कई राज

Mon, 31 Jul 2017 09:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
विज्ञापन
आरोपी अरुण मिश्रा गिरफ्तार
विज्ञापन
मेरठ में रविवार को सिविल लाइन थाना पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली। पुलिस ने एक फर्जी मुख्य सचिव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि उसने पीएमओ ऑफिस से एसएसपी को फोन कर एसओ गंगानगर ओमवीर गुप्ता को हटाने की बात कही थी। हालांकि इससे पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके है। जब फर्जी अधिकारी बनकर आरोपियों ने फोन के जरिए अधिकारियों से मनमाने ढंग से काम कराए। रविवार को पकड़े गए आरोपी का नाम अरुण मिश्रा बताया जा रहा है।
विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी एक आरोपी पकड़ा गया था। वह, सुनिए मिस्टर, काम नहीं किया तो जांच होगी और तुम्हारा कॅरियर खराब हो जाएगा। पहले डाक से चिट्ठी भेजकर और फिर फोन कर अफसरों को हड़काकर मनमाना काम कराना उसका पेशा था। उत्तर प्रदेश और दिल्ली के मुख्यमंत्री के नाम के फर्जी लेटर पैड इस आरोपी ने छपवा रखे थे। इसके अलावा यह ठग खुद को कभी सुप्रीम कोर्ट का जज तो कभी मानवाधिकार आयोग का रजिस्ट्रार बताकर अफसरों को प्रभाव में लेता था। सात साल से एनसीआर में गैंग चलाकर मोटे पैसे वसूल चुका यह शातिर ठग शुक्रवार को लालकुर्ती पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

ऐसे खुली कलई
इंस्पेक्टर लालकुर्ती सुधीर कुमार के अनुसार रजबन बाजार निवासी ओमवती ने एक जुलाई को मारपीट और लूट के आरोप में दो लोगों पर नामजद केस दर्ज कराया था। दो जुलाई को एक व्यक्ति ने खुद को मानवाधिकार आयोग का रजिस्ट्रार बताकर उन्हें फोन कर ओमवती के केस में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कई बार उन्हें फोन कर धमकाया गया और रजिस्ट्रार के नाम से थाने में चिट्ठी तक भेज दी गई। यही नहीं, इस व्यक्ति ने एक सप्ताह पहले एसपी सिटी मानसिंह चौहान को भी फोन कर चेतावनी दे दी थी। शक के आधार पर पुलिस अफसरों ने गोपनीय जांच के बाद गंगानगर में दबिश देकर आरोपी अजय कुमार गर्ग (55 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

पीड़ितों के नाम पर ठगी

फाइल फोटो
एसपी सिटी के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि यह आरोपी ऐसे पीड़ित लोगों को टारगेट पर लेता था, जिनका थानों या सरकारी विभागों में काम अटका होता था। ऐसे पीड़ितों से मोटा पैसा लेकर यह आरोपी इसी तरह अफसरों को दबाव में लेकर काम कराता था। पुलिस ने तलाशी के दौरान उसके कमरे से छह मोबाइल फोन, दर्जनों सिम, उत्तर प्रदेश, दिल्ली के मुख्यमंत्री, मानवाधिकार आयोग के रजिस्ट्रार, डीएम और एसएसपी के अलावा कई सरकारी विभागों के बड़े अधिकारियों के नाम के लेटर पैड बरामद किए हैं। 

कैराना से 13 साल पहले भागा था
पूछताछ में आरोपी अजय गर्ग ने बताया कि वह मूल रूप से कैराना (शामली) का निवासी है। वर्ष 2004 में वह कैराना से भागकर मेरठ आया था। एसपी सिटी के अनुसार इस संबंध में एक टीम शामली भेजकर इसका सत्यापन कराया जा रहा है।

​शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें