मेरठ---एमपीएस मेन स्कूल मे सीटेट की परीक्षा देने के बाद भैसाली बस अड्डे पर बस मे सीट के लीए होती धक्?
मेरठ। सेंट्रल टीचर इलिजिबिलिटी टेस्ट (सीटेट) में उमड़ी भीड़ से रोडवेज की व्यवस्था पटरी से उतर गई। अधिकारियों के अतिरिक्त बसों के दावे धरे रह गए। अभ्यर्थियों को भारी भीड़ के चलते परेशानियों का सामना करना पड़ा। अधिकारियों का कहना है कि बसों के जाम में फंसने के कारण दिक्कत हुई।
रविवार को शहर के विभिन्न सेंटरों पर सीटेट का आयोजन किया गया है। परीक्षा में करीब 35 हजार परीक्षार्थी अपने परिजनों के साथ पहुंचे थे। इसमें से काफी परीक्षार्थी तो अपने वाहनों से पहुंचे, लेकिन बाकी परीक्षार्थियों ने रोडवेज बसों का सहारा लिया। दोपहर 12 बजे परीक्षा छूटने के बाद भैसाली और सोहराब गेट बस अड्डे पर भारी संख्या में पहुंची भीड़ के आगे रोडवेज की व्यवस्था बौनी साबित हो गई। बसें एक मिनट के अंदर फुल हो गई। इसके बाद जो भी बस अड्डे पर पहुंचती रही उसमें बैठने को लेकर मारामारी मचती रही। मेरठ से दिल्ली, बागपत, बड़ौत, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, गढ़, बिजनौर अदि रूटों की बसों में सर्वाधिक भीड़ रही। काफी देर तक बसें नहीं मिलने पर लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा। यात्रियों ने पूछताछ केंद्र पर बसों के बारे में जानकारी की तो वहां से भी संतुष्टि भरा जवाब नहीं मिला। एआरएम भैसाली डिपो राजेश कुमार ने बताया कि परीक्षार्थियों की भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की गई थी, लेकिन बसों के रूट पर लगे जाम में फंसने से थोड़ी दिक्कत हुई।