मेरठ। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में एक बार फिर केबल घोटाला हो गया। गुजरात की एक कंपनी से खराब गुणवत्ता का 18 किमी एचटी केबल खरीदा गया, इसकी कीमत 1.80 करोड़ है। हद तो तब हो गई जब दो अधिकारियों ने जांच में इस केबल को फेल कर दिया था, लेकिन तीसरे अधिकारी की संस्तुति पर विभाग ने केबल खरीद लिया। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री व यूपीसीएल चेयरमैन से की गई है। शिकायत के बाद प्रबंध निदेशक पीवीवीएनएल ईशा दुहन ने इसमें निदेशक तकनीक को जांच सौंपी है।
विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने यूपीपीसीएल के चेयरमैन और नियामक आयोग में शिकायत की है। बताया कि गुजरात की एक कंपनी से सेटिंग कर केबल खरीदा गया है। आरडीएसएस योजना के तहत केबल खरीदा गया है। उन्होंने कहा कि जांच में दो बार फेल होने के बाद भी एसबीजी (स्टैंडर्ड बिडिंग गाइडलाइन) का उल्लंघन करके अधिकारियों ने केबल को जांच में ओके कर दिया, जबकि दो बार इंस्पेक्शन में फेल होने के बाद फर्म को ब्लैकलिस्टेड किया जाना था। कंपनी का घटिया गुणवत्ता का केबल पास कर विभाग को करोड़ों रुपये का चूना लगा दिया गया। इस मामले की जानकारी मिलते ही प्रबंध निदेशक पीवीवीएनएल ईशा दुहन ने जांच बैठा दी है। उन्होंने बताया की पूरे मामले की जांच निदेशक तकनीकी को सौंपी है, जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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केबल की खराब गुणवत्ता का मामला संज्ञान में आने के बाद इस मामले में जांच बैठा दी है। निदेशक तकनीकी पीवीवीएनएल को जांच सौंपी गई है। इसमें जीरो टोलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जाएगी। गुणवत्ता के मामले में कोई समझौता नहीं होगा। - ईशा दुहन, प्रबंध निदेशक पीवीवीएनएल
खराब केबल के मामले में हरिद्वार की कंपनी ब्लैक लिस्ट
प्रबंध निदेशक पीवीवीएनएल ने खराब केबल मामले में हरिद्वार की वी मार्क इंडिया प्रा. लिमिटेड कंपनी को तीन साल के लिए क्लैक लिस्ट कर दिया है। इसके साथ ही मैसर्स श्रीराम ट्रांसफार्मर द्वारा आपूर्ति वितरण परिवर्तक सैंपल टेस्टिंग में मानकों के विपरित पाए जाने पर जुर्माना लगाया है।
विभाग की ओर से मुरादाबाद के बिलारी कस्बे में एरियल बंच केबल लगाया था। यह केबल बार-बार जलकर टूट रहा था। विभाग की ओर से लगभग 23.92 करोड़ रुपये का 726 किमी केबल खरीदा जाना था, जिसमें 599 किमी एरियल बंच केबल की आपूर्ति हो पाई। केबल वी मार्क इंडिया प्रा. लिमिटेड सिडकुल हरिद्वार से लिया गया। शिकायत के बाद केबल की जांच तीन टैक्स लैब से कराई गई थी, रिपोर्ट में एरियल बंच केबिल मानकों के विपरीत पाया गया था। इसके बाद प्रबंध निदेशक की ओर से कंपनी को 8 अगस्त और 17 अगस्त को नोटिस जारी किया गया था। इसके साथ ही घटिया केबल ओके रिपोर्ट लगाकर खरीदने के मामले में अधिशासी अभियंता विद्युत नगरीय परीक्षण खंड थर्ड गाजियाबाद शेर सिंह, अधिशासी अभियंता विद्युत भंडार खंड मुरादाबाद रोहताश सिंह, सहायक अभियंता मनोज कुमार, भंडार अधीक्षक अमित कुमार को निलंबित कर दिया था। अब उनकी ओर से कंपनी को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है।