आरोपियों के पास से बरामद सामान
- फोटो : अमर उजाला
राजस्थान के जोधपुर के एक युवक से 34 हजार रुपये की ठगी की गई। पीड़ित की तहरीर पर सरदारपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई। जांच करने पर वहां की पुलिस को पता चला कि यह धनराशि बड़ौत के बैंक खाते में डलवाई गई है। उनके द्वारा बड़ौत पुलिस से संपर्क किया । इसके बाद ही पुलिस गिरोह तक पहुंची। राजस्थान पुलिस ने भी आरोपियों से पूछताछ की।
दरोगा का बेटा गिरोह में शामिल
पकड़ा गया आरोपी अंकित तोमर आधार कार्ड बनाने का काम करता है। उसका पिता राम कुमार तोमर दिल्ली पुलिस में नोएडा में दरोगा के पद पर तैनात है। गिरोह का लीडर मोहित दिल्ली की चर्चित यूनिवर्सिटी से बीटेक कर रहा है। इससे पहले पालीटेक्निक कर रखी है। गौरव और गौतम बीएससी के छात्र हैं। अमित बीए में पढ़ता है और अनुज कुमार गुड़गांव में नौकरी करता है।
छह माह से चल रहा है काम, 15 लाख रुपये कमाए
गैंग लीडर मोहित का कहना है कि वह अपने साथियों के साथ पिछले छह माह से यह काम कर रहा है। अभी तक करीब 15 लाख रुपये कमाए हैं। दूसरी तरफ पुलिस का कहना है आरोपियों द्वारा खुलवाए गए एक एकाउंट की जांच की तो पता चला कि उसमें 130 लोगों ने रुपये डाले हैं। जबकि आरोपियों ने इस तरह के अनेकों एकाउंट खुलवा रखे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है गिरोहने सैकड़ों लोगों ले करोड़ों रुपये की ठगी कर रखी है। जांच करने पर पता चला कि एक माह में करीब 165 बार खाते से रुपये निकाले हैं। आरोपियों ने एक खाते से 3.92 लाख रुपये निकाले हैं। अब फिलहाल उस एकाउंट में 10 हजार रुपये बकाया है। पुलिस उनके अन्य साथियों और खातों का पता लगाने में लगी है।
बड़ौत से पहले नोएडा और दिल्ली में करते थे काम
पुलिस के मुताबिक गिरोह पहले नोएडा की एक कंपनी, जो ऐसा ही फर्जीवाड़ा करती थी, वहां काम करता था, लेकिन कंपनी के बंद हो जाने पर दिल्ली में यह काम करना शुरू कर दिया । वहां पर पकड़ने जाने के डर से बड़ौत में आ गए थे।
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