दिल्ली, नोएडा और मेरठ में उसके खिलाफ 11 मुकदमे दर्ज हैं। जनवरी 2019 से दिल्ली से भगोड़ा घोषित हुआ। लेकिन ब्रह्मपुरी थाना पुलिस ने इसकी रिपोर्ट प्रशासन को नहीं भेजी। दोनों शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण भी शरद पुलिस प्रशासन से कराता रहा। लग्जरी गाड़ी में दोनों शस्त्र लेकर चलता था।
पुलिस वाले करते थे सेल्यूट
शरद की पुलिस महकमे में गहरी घुसपैठ थी। पुलिस वाले उसे सेल्यूट करते थे। लूट व चोरी करने वाले बदमाश पकड़े जाने के बाद शरद का नाम बताते थे। लेकिन शरद सेटिंग कर मुकदमे से अपना नाम हटवा लेता था और इसकी जानकारी अधिकारियों तक नहीं जाती थी। पुलिसकर्मियों को रिश्वत के नाम पर शरद मोटा पैसा देने के साथ शॉपिंग और विदेश यात्राएं तक कराता था।
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पोल खुली, कार्रवाई शून्य
कुख्यात भूपेंद्र बाफर के पास दो गनर, तेल कारोबारी धनेंद्र जैन के पास तीन गनर, हिस्ट्रीशीटर पूर्व सांसद शाहिद अखलाक को शस्त्र लाइसेंस और अब शरद गोस्वामी सामने आया है। हर बार पोल खुलने पर शोर मचता है। लेकिन जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होती। यही नहीं शाहिद अखलाक का शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। लेकिन शस्त्र थाने में अभी तक जमा नहीं हुआ और पुलिस पर कार्रवाई भी नहीं हुई।
बसपा नेता बताया गया अमरीश गिरि
पुलिस के अनुसार शरद के साथ पकड़ा गया अमरीश बसपा नेता है। वह माधवपुरम से पार्षद का चुनाव लड़ चुका है। दिल्ली में भी उसका एक साथी बैठा है। पुलिस शरद के चार साथियों अनीस, इरफान, सरताज और इनाम को जेल भेज चुकी है।
डीएम को भेजी रिपोर्ट
शरद के दोनों शस्त्र लाइसेंसों के निरस्तीकरण की रिपोर्ट डीएम को भेजी है। पहले से दो असलहे कैसे उसके पास थे, इसकी जांच हो रही है। इस मामले में जो भी शामिल हैं, वे जेल जाएंगे। -अजय साहनी, एसएसपी