रैंडरिंग प्लांट यूनिवर्सल इंडिया पर भी ताला लटका मिला। फैक्ट्री संचालक बिलाल हमजा ने फैक्ट्री को करीब एक वर्ष से बंद बताया। लेकिन मौके पर भारी मात्रा में पशुओं की चर्बी व फैक्ट्री चलने के कई प्रमाण टीम को मिले। प्रदूषण नियंत्रण, पुलिस व प्रशासन की टीम लौट गयी। लेकिन पशु पालन विभाग की टीम ने मौके पर मिली चर्बी व प्रमाणों के मामले में पूछा तो प्लांट संचालन ने कोई जवाब नहीं दिया। इसकेे बाद टीम फीड फैक रैंडरिंग प्लांट में पहुंची।
यहां फैक्ट्री चलती मिली। प्लांट स्वामी सलीम अहमद ने टीम को एनओसी सौंपी। लेकिन जब पशु पालन विभाग ने एनओसी की मांग की तो फैक्ट्री संचालक ने पशु पालन विभाग की एनओसी की आवश्यकता न होने की बात कही। इसके बाद टीम ने मैसर्स डिप्लोमैंट एग्रोफीडस प्लांट पर छापा मारा। टीम करीब 20 मिनट तक गेट के बाहर खड़ी रही। अधिकारियों के आदेश पर पुलिस गेट के ऊपर से कूदी और गेट का ताला तोड़ा। चिमनियों से धुआं निकल रहा था। लेकिन चौकीदार ने प्लांट को करीब डेढ़ साल से बंद बताया। यहां मुर्गी दाना भी पड़ा मिला।
यहां से टीम यूनीवर्सल इंडिया एग्रो फूड्स पर पहुंची। फैक्ट्री बंद मिली। इसके बाद टीम ने मैसर्स बेस्ट एग्रोफीडस, मैसर्स अल जुनैद फ्रोजन फूड्स, मैसर्स कोको टोक, मैसर्स अल अक्सा, मैसर्स अल यासिर, मैसर्स अल हबीब फ्रोजन, मैसर्स अल शाहवेज फ्रोजन फूड्स सहित दर्जन भर से अधिक फैक्ट्रियों पर छापेमारी की। अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।
पहले ही खुल गयी थी पोल
छापेमारी कार्यवाही से पहले ही भेदियों ने सूचना प्रसारित कर दी थी। जिसका असर छापेमारी के दौरान देखने को मिला। दिन-रात चलने वालीं कई फैक्ट्रियों में ताले लटके मिले। वहीं साफ-सफाई करके चूना भी डाला गया। जिसको देखकर पूरी टीम हक्का बक्का रह गयी।
सभी विभाग देंगे रिपोर्ट
इस छापेमारी के लिए अलग-अलग विभागों की 15 टीमें गठित की गई थीं। मजिस्ट्रेट के निर्देशन में मीट फैक्ट्रियों की जांच कराई गई। सभी विभाग रिपोर्ट एकत्र कर रविवार तक प्रस्तुत करेंगी।
-अनिल ढींगरा, जिलाधिकारी
रूटीन जांच है
यह रूटीन जांच थी। हमारे यहां सब सही है। सभी कुछ नियमानुसार है।
- हाजी याकूब कुरैशी, पूर्व मंत्री
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