शहीद सुबोध कुमार के परिवार को चेक देते एडीजी प्रशांत कुमार
- फोटो : अमर उजाला
बुलंदशहर हिंसा में शहीद हुए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह के परिवार को एडीजी प्रशांत कुमार ने 70 लाख रुपए का चेक सौंपा है। बताया गया कि यह राशि मेरठ जोन के पुलिसकर्मियों से इकट्ठा की गई है।
यह राशि मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, बागपत, हापुड़, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली सभी जनपदों के पुलिसकर्मियों से इकट्ठा की गई है। एडीजी प्रशांत कुमार ने शुक्रवार को शहीद सुबोध कुमार सिंह की पत्नी व बेटे को मेरठ बुलाकर 70 लाख रुपए का चेक सौंपा है।
किस जिले से कितनी राशि
मेरठ -- 7,15,500
गाजियाबाद--- 6,19,500
बुलंदशहर-- 21,73,746
गौतमबुद्धनगर- 8,49,850
बागपत--- 3,81,491
हापुड़ ---- 4,06,995
सहारनपुर--- 11,73,500
मुजफ्फरनगर- 3,17,700
शामली-- 3,70,550
कुल-- 70,08,832
गौरतलब है कि यूपी के बुलंदशहर जिले में तीन दिसंबर को दोपहर के समय इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वहीं बुलंदशहर हिंसा के मुख्य आरोपी योगेश राज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। योगेश हिंसा के बाद से ही फरार चल रहा था। योगेश पर हिंसा भड़काने और लोगों को इकट्ठा करने का आरोप है। योगेश को सीजेएम की अदालत में पेश किया गया था जहां उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
स्याना बवाल के आरोपी नंबर 1 योगेश ने कहा कि हम ईश्वरवादी हैं, हम निर्दोष हैं। उसने ये भी कहा कि संगठन (बजरंग दल) उसके साथ है। बता दें कि उसकी रिमांड के लिए पुलिस ने अर्जी नहीं डाली है।
इससे पहले एसआईटी और एसटीएफ की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ था। बवाल में शहीद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को जम्मू में तैनात जीतू उर्फ फौजी ने गोली मारी थी। फौजी अपने गांव में छुट्टी पर आया हुआ था। इंस्पेक्टर को उसकी अवैध पिस्टल से गोली लगना सामने आया है। घटना के बाद फौजी जम्मू भाग गया था। पुलिस को इस संबंध में एक महत्वपूर्ण वीडियो मिला था, जिसमें फौजी गोली चलाता साफ दिख रहा है। उसके बाद पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने जम्मू में फौजी की यूनिट के अधिकारियों से बात की। फौजी की गिरफ्तारी के लिए बुलंदशहर से पुलिस की टीम जम्मू के लिए रवाना हो गई थी।
गोकशी को लेकर बुलंदशहर के स्याना थाना की चिंगरावठी पुलिस चौकी में के पास तीन दिसंबर सोमवार को बवाल हुआ था। जिसमें इंस्पेक्टर स्याना सुबोध कुमार और छात्र सुमित की गोली लगने से मौत हुई थी। बवाल के दिन बुलंदशहर में तब्लीगी इज्तिमा में करीब 15 लाख लोगों की भीड़ मौजूद थी। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एडीजी इंटेलीजेंस, एसआईटी, एटीएस, एसटीएफ, क्राइम ब्रांच और बुलंदशहर पुलिस जांच में जुटी हुई है।
पुलिस ने इस मुकदमे में 27 लोगों को नामजद करते हुए 250-300 अज्ञात लोग मुल्जिम बनाए हैं। जिसमें एक फौजी का नाम भी हत्या की धारा में दर्ज है। वहीं बुलंदशहर हिंसा का मुख्य आरोपी योगेश राज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। योगेश हिंसा के बाद से ही फरार चल रहा था। योगेश पर हिंसा भड़काने और लोगों को इकट्ठा करने का आरोप है। योगेश को सीजेएम की अदालत में पेश किया गया जहां उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
योगेश पुत्र सूरजभान सिंह नयाबांस माजरा साहनपुर, स्याना का रहने वाला है। योगेश पर आरोप है कि उसी ने 3 दिसंबर के दिन गोकशी की बात फैलाई और सैकड़ों की भीड़ जुटा ली। जिसके बाद हिंसा हुई जिसमें इंस्पेक्टर सुबोध और सुमित नाम के स्थानीय शख्स की मौत हो गई।
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