अगर हवा की गुणवत्ता खराब है तो सांस संबंधी बीमारियां बढ़ सकती है। इसके अलावा फेफड़ों के रोग भी हो सकते हैं। जब तक हवा की सेहत में सुधार हो, तब तक अल सुबह घर से निकलने से बचना चाहिए। -डॉ. यशवीर सिंह, अधीक्षक, पिलाना सीएचसी।
सांस रोगियों की बढ़ेगी परेशानी
वायु सूचकांक का स्तर 434 के स्तर पर पहुंच जाने से सांस की बीमारी वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। अस्थमा, टीबी और सांस के रोगी परेशान हैं। डॉक्टर कहते हैं कि सुबह-शाम के वक्त इस तरह की हवा इन रोगियों के लिए बीमारी को बढ़ा सकती है।
ईंट भट्ठे भी डाल रहे असर
जिलेभर में करीब 550 ईंट भट्ठे हैं। इनमें तीन सौ से अधिक ईंट भट्ठे ऐसे हैं, जिनका संचालन अवैध तरीके से किया जाता है। इसके अलावा निर्माण कार्य, जिले में चल रही टायर गलाने की फैक्ट्रियों से भी पर्यावरण की हालत बिगड़ जाती है।
जनपद एक्यूआई
बागपत 434
मुजफ्फरनगर 432
नोएडा 429
ग्रेटर नोएडा 420
बुलंदशहर 410
हापुड़ 400
मुरादाबाद 348
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