बुकिंग और डिलीवरी के बीच उलझे उपभोक्ता
मेरठ। गैस के दामों में बढ़ोतरी और डिलीवरी के डामाडोल सिस्टम के बीच उपभोक्ता आर्थिक नुकसान झेलने को मजबूर दिख रहे हैं। सवाल किए जा रहे हैं कि जब पुराने दाम पर उन्होंने गैस बुक की थी तो फिर नए दामों पर डिलीवरी क्यों की जा रही है?
उपभोक्ताओं का कहना है कि जब उन्होंने दाम बढ़ने से पहले बुकिंग कराई थी तो उनसे बढ़े हुए दाम क्यों लिये जा रहे हैं। सिलिंडर लेेने पहुंचे कई उपभोक्ताओं की गैस एजेंसी कर्मी से नोकझोंक हुई।
मेरठ एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन के अध्यक्ष नमो जैन बताते हैं कि गैस के दाम बढ़े हों या घटे हों, डिलीवरी के वक्त नए निर्धारित दाम पर ही गैस दी जाती है। नए और पुराने माल से यहां कोई संबंध नहीं है।
आईओसी के सेल्स ऑफिसर गौरव गर्ग ने कहा कि गैस के दाम बढ़ते ही पोर्टल पर अपडेट हो जाते हैं। बुकिंग चाहे जितनी पुरानी ही, डिलीवरी के समय जो दाम होता है, उतना ही भुगतान लिया जाता है। इसमें ग्राहक को भ्रमित नहीं होना चाहिए। संवाद