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बजट 2019: किसानों और व्यापारियों को थी आम बजट से खास उम्मीदें, मिली निराशा, ये रही लोगों की राय

Sat, 06 Jul 2019 01:27 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
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बजट - फोटो : SELF
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आम बजट को लेकर शामली के लोगों की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग रहीं। किसानों, उद्यमियों और सराफा व्यापारियों को बजट में नजर अंदाज किया गया है। विशेष पैकेज की बाट जोह रहे किसान बजट में खेती के लिए किए गए प्राविधानों से नाखुश हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को बजट प्रस्तुत किया। बजट से हर वर्ग ने कुछ न कुछ उम्मीद लगा रखी थी। सबसे अधिक उम्मीद किसानों के लिए थी, लेकिन किसानों को कुछ भी हाथ नहीं आया है। इसके अलावा पेट्रोल और डीजल पर सेस और अन्य कर लगाए गए हैं। जिससे पेट्रोल व डीजल के दाम दो रुपये प्रति लीटर बढ़ेंगे। सोने पर भी कर में वृद्धि की गई है। इससे सोने के जेवर महंगे होंगे। हालांकि इलेक्ट्रानिक वाहन खरीदने को प्रोत्साहन देने को भी सरकार ने छूट की घोषणा की है।

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नई ट्रेनों की नहीं हुई घोषणा
दिल्ली- शामली, सहारनपुर रेलवे मार्ग के रेलवे लाइन के दोहरीकरण-विद्युतीकरण शामली होते हुए लंबे रूट की सुपर फास्ट ट्रेनों जम्मू कश्मीर से शामली होते हुए इलाहाबाद तक की नई ट्रेनों की घोषणा न होने से इस क्षेत्र के आम नागरिक को निराशा ही हाथ लगी है। - घनश्याम दास गर्ग, प्रदेश अध्यक्ष, प. उप्र संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल।              

ग्राहकों को नुकसान
पेट्रोल डीजल पर एक रुपये का टैक्स लगाना का असर सीधा उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। आम नागरिक आम बजट में डीजल-पेट्रोल को जीएसटी के दायरे में लाने की उम्मीद कर रहे थे। केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में नहीं ला पाई है। - सूर्यवीर सिंह, पेट्रोल पंप मालिक, अध्यक्ष पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल शामली। 
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आम बजट किसानों के लिए निराशा जनक
आम बजट किसानों के लिए निराशाजनक है। बजट में यूरिया, डीएवी के बढ़ते दामों सब्सिडी की नहीं घोषणा की गई है। पेट्रोल-डीजल के एक रुपये बढ़ाने से किसान, आम उपभोक्ताओं की कमर तोड़ दी है। - सवित मलिक, राष्ट्रीय अध्यक्ष किसान यूनियन।

उद्योगों में कोई राहत नहीं
आम बजट में उद्योगों को कोई राहत नहीं दी गई है। आयकर की स्लैब में दो प्रतिशत सरचार्ज बढ़ा दिया गया है। पहले उद्योगों में 25 प्रतिशत आयकर देता था। आम बजट में उद्योगों पर ज्यादा टैक्स देना पड़ेगा। - आलोक जैन, रिम धुरा व्यवसायी 

आम नागरिकों की सुविधाओं का नहीं रखा ध्यान
आम आदमी को उम्मीद थी कि आम बजट में पेट्रोल, डीजल को जीएसटी के दायरे में लाकर बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगेगा। सरकार ने आम बजट में पेट्रोल डीजल पर टैक्स लगाकर आम आदमी और किसानों की कमर तोड़ दी है। किसानों, मजदूरों, गरीबों के लिए बजट में राहत नहीं दी गई। - हरेंद्र मलिक, पूर्व सांसद कांग्रेस।

महिलाओं के लिए संतोष जनक है आम बजट
आम बजट महिलाओं के लिए संतोष जनक रहा। महिलाओं को रोजगार के नाम पर ऋण की सुविधाएं जन धन खातों में महिलाओं के लिए पांच हजार रुपये का ओवर ड्राफ्ट की सुविधा दिए मिलने पर गरीब महिलाओं के लिए बड़ी सौगात है। महिलाओं के जनधन खातों में ओवर ड्राफ्ट पहुंचने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी। - शिक्षिका कुमुद शर्मा।
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मध्यमवर्ग के लिए कोई राहत नहीं 
मध्यमवर्ग के लोगों को आयकर में गत पांच वर्षों में ढाई लाख रुपये की आय कर मुक्त थी, लेकिन इस वर्ष आयकर में कोई छूट नहीं दी गई है। आयकर की धारा 80 सी में जिसमें राष्ट्रीय बचत पत्र, जीवन बीमा बच्चों की स्कूल की फीस, गत वर्षों से डेढ़ लाख की चली आ रही थी। इस बार बजट में कोई भी छूट नहीं बढ़ाई गई है। आयकर की टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जबकि आम जनता को उम्मीद थी। पांच लाख से आठ लाख तक स्लैब व दस प्रतिशत छूट दी जाएगी। पांच लाख में पांच प्रतिशत कर, पांच लाख से लेकर दस लाख तक 20 प्रतिशत की आयकर और 10 लाख से ऊपर 30 प्रतिशत कर का स्लैब है। जिससे व्यापारी को बोझ बढ़ गया है। - जिनेंद्र कुमार जैन, आयकर-व्यापार अधिवक्ता। 

सराफा कारोबार को किया निराश
- आम बजट में सोना चांदी विक्रेताओं के लिए निराशा जनक है। सोने में ढाई प्रतिशत इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने से सराफा व्यापारियों पर बोझ बढे़गा। सोना चांदी में 10 प्रतिशत से लेकर 12 प्रतिशत कर दिया गया है। दीपावली जैसे त्योहारों और शादियों में सोना-चांदी खरीदना बोझ बन जाएगा। - पवन संगल, सराफा व्यापारी, अध्यक्ष इंडियन बुलियन एसोसिएशन शामली।

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