फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बसपा सुप्रीमो मायावती ने मुनकाद अली को दिया वफादारी का इनाम, खेला ये बड़ा दांव

Thu, 08 Aug 2019 03:36 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
बसपा सुप्रीमो मायावती - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश में बसपा ने मुनकाद अली को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपकर मुस्लिम कार्ड खेला है। माना जा रहा है कि बसपा अब फिर से अपनी खोई विरासत को मुस्लिम मतों के सहारे पाना चाहती है।

विज्ञापन


नसीमुद्दीन सिद्दीकी के पार्टी छोड़ने के बाद से बसपा खासकर पश्चिम यूपी में किसी एक मुस्लिम नेता को आगे बढ़ाने की जुगत में लगी थी। बसपा के मन की बात अब सामने आ गयी है। वैसे भी मुनकाद अली को बसपा सुप्रीमो मायावती का सबसे बड़ा विश्वास पात्र माना जाता रहा है। 

पहली बार बसपा ने मुस्लिम चेहरे को प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। अब से पहले अति पिछड़ों को प्रदेश की कमान दी जाती रही है। राज्यसभा के पूर्व सदस्य मुनकाद अली को बसपा का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के पीछे उनकी वफादारी को भी प्राथमिकता पर लिया जा रहा है।

विज्ञापन

दरअसल, मुनकाद अली ने अपनी राजनीतिक शुरुआत बसपा से ही की और पार्टी में हर उतार-चढ़ाव के बावजूद पार्टी से जुड़े रहे। इसके अलावा मुस्लिमों को साधने के लिए भी बसपा का यह कार्ड है, क्योंकि पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के बाद बसपा का बड़ा मुस्लिम चेहरा मुनकाद अली को ही माना जा रहा है।

आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े प्रदेश, उत्तर प्रदेश की प्रदेश स्तरीय बीएसपी संगठन की कमेटी में बुधवार को बदलाव किए गए। अगर बाबू मुनकाद अली के राजनीतिक कैरियर की बात करें तो वह साल 1994 में किठौर क्रय विक्रय समिति के डायरेक्टर बने और पार्टी में विधानसभा के अध्यक्ष रहे।

इसके बाद जिला अध्यक्ष भी रहे। प्रथम बार पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की सरकार में इन्हें अल्पसंख्यक आयोग का सदस्य मनोनीत किया गया। इसके बाद मंडल अध्यक्ष और कई प्रदेशों के प्रभारी भी रहे। 
विज्ञापन

मुनकाद अली साल 2006 में पहली बार राज्यसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। साल 2012 में दोबारा राज्यसभा पहुंचे। इसके अलावा बीच-बीच में संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हुए मेरठ-सहारनपुर मुरादाबाद मंडल के कोऑर्डिनेटर रहे। इन्हें बिहार और झारखंड के प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी भी दी गई।

पिछले लोकसभा चुनाव में राजस्थान का प्रभारी बना कर भेजा गया। अब वह यूपी के चार मंडल, मिर्जापुर, लखनऊ, अलीगढ़ और आगरा की जिम्मेदारी के साथ राष्ट्रीय महासचिव के पद पर तैनात थे।

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें


https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें