नगर निकाय चुनाव में करारी हार के बाद बसपा में घमासान शुरू हो गया है। टिकट के नाम पर अवैध वसूली, पार्टी विरोधी कार्य करने सहित अन्य शिकायतों पर जांच के बाद पार्टी हाईकमान ने मंडल कोआर्डिनेटर प्रशांत गौतम को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। उनके स्थान पर राजपाल जाटव को मेरठ मंडल का कोआर्डिनेटर बनाया गया है। वहीं, 18 मई को हाईकमान ने लखनऊ में बैठक भी बुलाई गई है। इसमें पार्टी के कुछ अन्य नेताओं के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है।
नगर निगम में तीन बार बसपा की सरकार रही है। इस बार भी बसपा निगम में अपनी सरकार बनाने के दावे कर रही थी। बसपा ने महापौर प्रत्याशी ही नहीं बल्कि 70 से अधिक पार्षद प्रत्याशियों को भी टिकट देने का दावा किया था, लेकिन टिकट वितरण के समय कुछ नेताओं पर अवैध वसूली के आरोप लगे। कांशीराम आवासीय कॉलोनी के लोगों ने तो पार्टी जिला कार्यालय पर भी प्रदर्शन किया था। इसके बाद से बसपा के नेताओं ने प्रत्याशियों को सिंबल बांटते समय पार्टी कार्यालय से भी दूरी बना ली थी। बसपा से टिकट मांगने और लेने वालों ने टिकट के नाम पर की गई धन की वसूली और अनुशासनहीनता की शिकायत पार्टी हाईकमान से की थी।