फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: सांसद के निर्वाचन को कोर्ट में चुनौती, बसपा प्रत्याशी याकूब कुरैशी ने दायर की याचिका

Sun, 07 Jul 2019 06:12 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
बसपा प्रत्याशी याकूब कुरैशी पत्रकारों से वार्ता करते हुए - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

बसपा नेता और मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से प्रत्याशी रहे हाजी याकूब कुरैशी ने मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट का चुनाव निरस्त कराने को हाईकोर्ट में रिट दायर की है। उन्होंने मतगणना में गड़बड़ी करते हुए भाजपा प्रत्याशी को जिताने का आरोप लगाया है। 

विज्ञापन


अधिवक्ता रविशंकर प्रसाद के माध्यम से रजिस्ट्रार जनरल के समक्ष दाखिल याचिका में मुख्य आधार मतगणना में गड़बड़ी को लेकर बनाया गया है। कहा गया कि राजेंद्र अग्रवाल के पक्ष में लगभग पांच हजार ऐसे वोटों की गिनती जोड़ दी गई, जो पड़े ही नहीं थे। इनमें लगभग दो हजार वोट पोस्टल बैलेट वाले थे। 

याकूब कुरैशी ने बताया कि चुनाव में जितना वोट पड़ा था, गिनती में उससे ज्यादा वोट मिला। इससे साफ है कि यूपी सरकार के दबाव में प्रशासन ने उन्हें हराने का काम किया है। साथ ही याकूब कुरैशी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सिसौली में आयोजित जनसभा के अली और बजरंगबली वाले बयान को भी रिट में आधार बनाया है। 

याकूब ने कहा है कि चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए धर्म के नाम पर लड़ा गया और इस बयान के कारण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनाव आयोग ने 24 घंटे चुनाव प्रचार से दूर रहने का फरमान भी जारी किया था। इसके अलावा उन्होंने भाजपा प्रत्याशी पर चुनाव के दौरान साड़ियां, शराब और पैसे बांटने का भी आरोप लगाया है। 
विज्ञापन

इस मामले में भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल का कहना है कि कोर्ट जाने के लिए हर कोई स्वतंत्र है। लेकिन जो आरोप याकूब कुरैशी लगा रहे हैं, वह पूरी तरह हार की हताशा के बाद पैदा हुई स्थिति से हैं। सभी जानते हैं कि मेरा यह तीसरा चुनाव था। मैंने किसी चुनाव में धनबल का प्रयोग नहीं किया। ऐसा काम विपक्ष के प्रत्याशी हर चुनाव में करते रहे हैं। 

सहारनपुर सांसद के खिलाफ भी याचिका
सहारनपुर के सांसद फजलुर्रहमान के निर्वाचन को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनाव याचिका दायर की है। याचिका में चुनाव प्रचार के दौरान एक समुदाय विशेष के लिए घृणास्पद भाषण देकर मतदाताओं को प्रभावित करने का आरोप है।

याचिका में कहा गया कि बसपा प्रमुख मायावती ने सात अप्रैल 2019 को देवबंद की चुनावी रैली में भड़काऊ भाषण दिया है। जबकि हाजी फजलुर्रहमान ने मायावती के भाषण की सराहना करते हुए मंच साझा किया। ऐसा मतदाताओं के ध्रुवीकरण के इरादे से किया गया। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें