फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Meerut News: वीर नारियों का सम्मान, गतका दल ने दिखाए हैरतअंग्रेज करतब

विज्ञापन
विज्ञापन
धूमधाम से मनाया गया आरवीसी सेंटर का स्थापना दिवस, सैन्य अधिकारी, सैनिक और उनके परिजन हुए शामिल
विज्ञापन

आरवीसी के इतिहास पर बनी सीडी का हुआ विमोचन
तलवारबाजी, आग के घेरे से निकलने के करतब दिखाए
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। छावनी स्थित रिमाउंट वेटनरी कोर (आरवीसी) सेंटर एंड कॉलेज का 247वां स्थापना दिवस रविवार को धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में सैन्य अधिकारी, सैनिक व उनके परिजनों ने भाग लिया। इसमें वीर नारियों का सम्मान हुआ। इस दौरान आरवीसी के इतिहास पर बनी सीडी का विमोचन किया गया। पंजाब से आए गतका दल ने तलवारबाजी, आग के घेरे से निकलने के हैरतअंगेज कारनामे दिखाए।
कार्यक्रम में आरवीसी सेंटर के कमांडेंट मेजर जनरल लक्ष्मीकांत मदेवार, ऑफिसर कमांडिंग डीजीआरवीएस आर्मी हेडक्वार्टर मेजर जनरल एसएस बालाजी, लेफि्टनेंट जनरल सेवानिवृत्त एजे सिंह, मेजर जनरल सेवानिवृत्त बीएस पंवार, लेफि्टनेंट कर्नल सेवानिवृत्त एसपी सिंह ने वीर नारियाें को सम्मानित किया।
विज्ञापन

अपनी स्थापना से ही आरवीसी सेंटर गौरवशाली कार्य करता रहा है। आरवीसी के घोड़े और फौजी श्वान सैन्य टुकड़ियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। 1770 में ईस्ट इंडिया कंपनी की बंगाल आर्मी ने 1770 में मुगल हॉर्स खड़ी की। इसके बाद 1778 में आरवीसी की स्थापना हुई। अपनी स्थापना के लंबे सफर में आरवीसी का स्वरूप कई बार बदला है। इसके बाद आवश्यकता पड़ने पर आरवीसी का विस्तार होता रहा। 1876 में आर्मी रिमाउंट विभाग व हॉर्स ब्रीडिंग डिपार्टमेंट बनाया गया।
प्रथम विश्व युद्ध में शामिल हुएआरवीसी के घोड़े
1913 में हुए प्रथम विश्व युद्ध में आरवीसी के घोड़े शामिल हुए। दिसंबर 1959 में मेरठ में आरवीएफसी में वॉर डॉग ट्रेनिंग स्कूल शुरू हुआ। 1960 में फार्म्स को अलग करके आरवीसी सेंटर एंड स्कूल का गठन किया गया। 2005 में इसका नाम बदलकर आरवीसी सेंटर एंड कॉलेज कर दिया गया।
विज्ञापन

जनवरी 2026 में होगी एशियाई स्तर की प्रतियोगिता
आरवीसी कई बड़े युद्धक ऑपरेशन्स से जुड़ी रही है। यहां उत्कृष्ट किस्म के घोड़े व श्वान तैयार किए जा रहे हैं। आरवीसी सेंटर में राष्ट्रीय स्तर की घुड़सवारी प्रतियोगिताएं हर साल होती हैं। जनवरी 2026 में आरवीसी सेंटर में एशियाई खेलों के लिए घुड़सवारी की क्वालीफाइंग प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें