खुफिया विभाग ने हमले की भेजी रिपोर्ट
हमले में आतंकी कनेक्शन तो नहीं, इसको लेकर सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं। शासन ने इसकी जानकारी गुरुवार सुबह मेरठ पुलिस से मांगी। जिस पर खुफिया विभाग ने रिपोर्ट भेजी कि ग्रेनेड तो फेंका गया हैं, आतंकी घटना को लेकर जांच की जा रही है। इसकी पुष्टि नहीं है कि हमले में आतंकी कनेक्शन है या नहीं। लेकिन पुलिस और खुफिया विभाग इस मामले में कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहते।
नजर नहीं आई कार
पुलिस टीमों ने गुरुवार को शहर में 50 से अधिक कैमरे की फुटेज देखी। कैंट एरिया में करीब एक हजार लोगों से जानकारी ली। हमले में शामिल सफेद रंग की कार नजर नहीं आई। जांच में एसटीएफ भी शामिल कर ली गई है। विधायक के आवास से करीब 100 मीटर की दूरी पर लालकुर्ती थाने की पिकेट रहती है। अंदेशा है कि हमलावर तोपखाना की तरफ से आए और फिर उधर की तरफ भागे। घटना की सूचना करीब 10 मिनट बाद पुलिस को मिल गई।
कैमरों पर बैन नहीं
कैंट में रिहायशी इलाकों में सीसीटीवी कैमरों पर किसी तरह का बैन नहीं है। खासतौर से जहां पर बंगला एरिया है, वहां पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। विधायक सोम के घर से कुछ दूर एक स्कूल के बाहर भी सीसीटीवी कैमरा लगा है। कैंट बोर्ड की तरफ से भी रिहायशी इलाकों में घरों के बाहर कैमरे पर कभी पाबंदी नहीं रही है। सेना सिर्फ उन क्षेत्रों में आदेश लागू कर सकती है, जहां पर सिर्फ सैन्य क्षेत्र है। तोपखाना, बंगला एरिया, वेस्ट एंड रोड पर प्रतिबंध नहीं है।
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