- चार दिन पहले हुआ था लापता, नदी किनारे बाइक खड़ी मिली थी
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। थाना क्षेत्र के गांव झड़का निवासी 30 वर्षीय जेविंद्र चौहान का शव मंगलवार को चौथे दिन रुपड़ा गांव के जंगल में सोती नदी से बरामद हुआ। नदी की गहराई अधिक होने के कारण पुलिस शव को बाहर नहीं निकाल सकी। पीएसी की फ्लड कंपनी के जवानों ने स्टीमर की मदद से शव को नदी से बाहर निकाला। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की जांच करने की मांग की।
मृतक के भाई अरविंद कुमार ने बताया कि जेविंद्र शनिवार शाम को अपनी पत्नी पुष्पा से किसी कार्य के लिए जा रहा है और थोड़ी देर बाद वापस आ जाएगा कहकर मोटरसाइकिल लेकर घर से निकला था। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। रविवार को बामरोली गांव के समीप सोती नदी किनारे जेविंद्र की मोटरसाइकिल मिलने के बाद परिजनों की चिंता और बढ़ गई। इसके बाद पुलिस और परिजन लगातार नदी और आसपास के जंगलों में उनकी तलाश कर रहे थे।
मंगलवार को भी परिजन और ग्रामीण सोती नदी तथा आसपास के जंगलों में तलाश कर रहे थे। इसी दौरान रुपड़ा के जंगल में नदी में जेविंद्र का शव दिखाई दिया। सूचना मिलते ही हस्तिनापुर, मवाना, बहसूमा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शव मिलने की सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौके पर पहुंच गए। शव देखते ही परिजनों में मातम पसर गया। परिजनों हत्या की आशंका जताते हुए मामले की जांच की मांग। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।सीओ पंकज किठौर सौम्या अस्थाना ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस जांच कर रही है।
दो मासूम बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
- जेविंद्र की मौत से गांव में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक अपने पीछे पत्नी पुष्पा और दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है। 10 वर्षीय वंश और आठ वर्षीय जतिन के सिर से पिता का साया उठ जाने से परिवार गमजदा है। बच्चों और पत्नी के विलाप से गांव का माहौल गमगीन हो गया।