पंजाब के मोहाली में की गई खोज
डॉ. सेंगर के अनुसार, काले गेहूं में सामान्य गेहूं के मुकाबले इसमें एंटी ग्लूकोज तत्व ज्यादा होते हैं। ये शुगर के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है। ब्लड सर्कुलेशन सामान्य रखता है। ट्राइग्लिसराइड तत्वों की मौजूदगी के कारण इसके इस्तेमाल से दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है। मैग्नीशियम उच्च मात्रा में पाए जाने से शरीर में कोलेस्ट्राल का स्तर सामान्य बना रहता है।
काले गेहूं की खोज पंजाब के मोहाली स्थित नेशनल एग्री फूड बॉयोटेकनोलॉजी इंस्टीट्यूट ने की है। विशेषज्ञों का दावा है कि काले गेहूं के नियमित सेवन से शरीर को सही मात्रा में फाइबर प्राप्त होता है, जिससे पेट के रोगों में लाभ मिलता है। इसमें मौजूद फास्फोरस तत्व शरीर में नए ऊतक बनाने के साथ उनके रखरखाव में अहम भूमिका निभाते हैं।
प्रति 100 ग्राम में पोषक तत्व
कैलोरी 343, पानी 10 प्रतिशत, प्रोटीन 13.3 ग्राम, कार्बन 71.5 ग्राम, शर्करा 0 ग्राम, फाइबर 10 ग्राम और वसा 3.4 ग्राम
पश्चिमी यूपी के किसानों को कर रहे जागरूक
डॉ. सेंगर ने बताया कि मुजफ्फरनगर, हापुड़ के अलावा मेरठ, गाजियाबाद और बागपत में काले गेहूं की खेती की जा रही है। इसको बढ़ावा देने लिए किसानों को कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। पश्चिमी यूपी में अगले वर्ष तक काफी बीज उपलब्ध हो जाएगा।
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