सरकारी राशन की कालाबाजारी की जा रही है। राशन कार्डों में हजारों लोगों को फर्जी तरीके से शामिल कर लिया गया है। जिनके नाम से राशन निकाला जा रहा है। राशन घोटाले को लेकर विभाग पहले से ही फंसा हुआ है। उसके बाद भी पूर्ति विभाग के अधिकारी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। राशन कार्डों में बाहरी लोगों का नाम शामिल करने वालों पर शिकंजा नहीं कसा जा रहा है।
अमर उजाला ने राशन घोटाले की पड़ताल शुरू की तो नए नए मामले खुलकर सामने आ रहे हैं। जनपद में एक दो नहीं बल्कि अधिकतर राशन की दुकानों पर लगे 50 प्रतिशत राशन कार्डोें में फर्जी नामों को जोड़ा गया है।
इंद्रानगर में कपिल शर्मा की राशन की दुकान से राशन लेने वाले कुछ लोगों द्वारा दिए गए रिकॉर्ड के मुताबिक अधिकतर राशन कार्डों में एक परिवार के छह से 12 तक सदस्य दर्शाए गए हैं। इतना ही नहीं कुछ राशन कार्डों में तो परिवार की मुखिया किसी जाति की है और उसके परिवार के अन्य सदस्य अलग अलग जाति के हैं। अमर उजाला के पास ऐसे राशन कार्डों का रिकॉर्ड पहुंचा है जो विभाग की पोल खोलने के लिए काफी हैं।
अनेक बार शिकायत, विभाग नहीं जागा
- राशन कार्डों में फर्जीवाड़ा करके किए जा रहे राशन घोटाले की शिकायत समय समय पर जिला पूर्ति विभाग के अधिकारियों से समय समय पर की जाती रही है। इतना ही नहीं मंगल दिवस में भी शिकायतें हुई हैं, लेकिन विभाग के अधिकारियों ने इनकी सुध नहीं ली।
पूर्व पार्षद एवं शिव सेना नेता सुनील सैनी का कहना है कि इंद्रानगर में कपिल शर्मा की एजेंसी पर लगभग 70 प्रतिशत राशन कार्डों में परिवार से अलग अतिरिक्त नाम जोड़कर राशन निकाला जा रहा है। शिकायत के बाद भी अधिकारियोें ने कोई कार्रवाई नहीं की।
जिस कार्ड में जितनी यूनिट, उतना राश दे रहे
इस तरह राशन कार्डों में बाहरी लोगों के नाम हमारी एजेंसी पर ही नहीं हैं, अन्य एजेंसियों पर भी हैं। जिस राशन कार्ड में जितनी यूनिट दर्ज हैं, उसी के अनुसार राशन दे रहे हैं। - कपिल शर्मा, राशन डीलर इंद्रानगर।
एनआईसी की भी मिलीभगत है
राशन कार्डों में फर्जी तरीके से आधार कार्ड व फर्जी नाम जोड़कर राशन घोटाला हो रहा है। इसमें एनआईसी की मिलीभगत है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से मिलकर करुंगा। किसी भी कीमत पर जनपद में गरीबों के राशन पर डाका नहीं पड़ने दिया जाएगा। - डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भाजपा।
एक सप्ताह में दे जांच रिपोर्ट, नहीं तो होगी कार्रवाई
राशन कार्डों में फर्जी नाम दर्ज कराकर किए जा रहे राशन घोटाले का मामला उजागर होने के बाद बुधवार को पूर्ति विभाग के अधिकारियों की नींद टूटी। जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह ने अपने कार्यालय में सभी पूर्ति इंस्पेक्टरों की बैठक बुलाई।
डीएसओ ने सभी इंस्पेक्टरों से जहां राशन की दुकानों पर राशन वितरण की स्थिति जानी। साथ ही राशन कार्डों में फर्जी नाम अंकित किए जाने के मामले पर बात की। जिसमें कुछ इंस्पेक्टरों ने इस फर्जीवाड़े का ठीकरा राशन डीलरों के सिर फोड़ने का काम किया।
इंस्पेक्टरों ने कहा कि पूर्व में मिली शिकायतों के अनुसार कुछ राशन डीलरों ने अपने रिश्तेदार और मिलने वालों के नाम राशन कार्डों में लगवाए हुए हैं। जिसपर डीएसओ ने सभी पूर्ति इंस्पेक्टर से एक सप्ताह के भीतर प्रत्येक राशन की दुकान पर लगे राशन कार्डों की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा अगर कहीं पर लापरवाही और मिलीभगत मिलती है तो कार्रवाई की जाएगी।