संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के दौरान भाकियू किसान सभा की ओर से किसान-मजदूरों की समस्याओं को लेकर निकाली जाने वाली शांतिपूर्ण पदयात्रा को पुलिस-प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। इसके विरोध में संगठन के कार्यकर्ताओं ने सरधना गंगनहर पुल पर धरना-प्रदर्शन किया और नारेबाजी की।
भाकियू किसान सभा द्वारा सलावा स्थित मेजर ध्यानचंद राज्य खेल विश्वविद्यालय तक पदयात्रा निकालने का कार्यक्रम तय किया गया था। पदयात्रा का नेतृत्व जिलाध्यक्ष चौधरी निखिल राव कर रहे थे। कार्यकर्ताओं का उद्देश्य मुख्यमंत्री को किसान-मजदूरों की समस्याओं से अवगत कराते हुए ज्ञापन सौंपना था। कार्यकर्ताओं के एकत्र होने पर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए पदयात्रा को गंगनहर पुल पर ही रोक दिया। आगे बढ़ने से रोके जाने पर कार्यकर्ता वहीं धरने पर बैठ गए।
सूचना मिलने पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज त्यागी भी धरना स्थल पर पहुंचे और मुख्यमंत्री से मुलाकात कर ज्ञापन देने की मांग पर अड़े रहे। स्थिति को देखते हुए एसडीएम उदित नारायण सेंगर के निर्देश पर तहसीलदार ज्योति सिंह मौके पर पहुंचीं। उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों से वार्ता की। भाकियू किसान सभा ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। आश्वासन मिलने पर धरना समाप्त किया गया।
धरना-प्रदर्शन में मुंफरीद, सरफराज अंसारी, साबिर अंसारी, सहरोज मलिक, रहीश खान, प्रमुख गुप्ता, मनोज पाल, वसीम, अश्वनी, अमित चौधरी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।