मेरठ। भाजपा के महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी ने मेरठ शहर विधानसभा में लगभग 241 मतदाताओं के विवरण संदिग्ध होने की शिकायत जिला निर्वाचन अधिकारी से करते हुए जांच की जांच की है।
उन्होंने कहा कि मेरठ शहर विधानसभा के मकान संख्या सात में 11 मतदाता, मकान नंबर आठ में 11, मकान संख्या 19 में 12, मकान संख्या 32 में 11, मकान संख्या 34 में 16, मकान संख्या 39 में 11, मकान संख्या 44 में 16, मकान संख्या 76 में 20, मकान संख्या 78 में 11 और मकान संख्या 81 में 17 वोटरों की संख्या व विवरण संदिग्ध प्रतीत हो रहे हैं। कुछ नामों में पारिवारिक स्थिति व निवास को लेकर संदेह उत्पन्न होता है। कुछ महिलाएं विवाह के बाद भी पुराने पते पर दर्ज प्रतीत होती है, जिससे मतदाता सूची की शुद्धता प्रभावित होती है। इसी तरह से बूथ संख्या 236 में मकान संख्या 340 में 23, मकान संख्या 341 में 15, मकान संख्या 342 में 17, मकान संख्या 343 में 19, 344 में 11 और 346 में 16 मतदाताओं के विवरण संदिग्ध प्रतीत हो रहे हैं। महानगर अध्यक्ष ने जिलाधिकारी ने इस पूरे मामले की जांच करके कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले में सपा के शहर विधायक रफीक अंसारी का कहना है कि भाजपा के महानगर अध्यक्ष द्वारा अपने लेटरपैड पर मुस्लिम बहुल क्षेत्र के बूथों पर मकान संख्या के आधार पर जांच के लिए लिखना नियम विरुद्ध है। चुनाव आयोग का नियम है कि जिस किसी भी मतदाता पर आपको गलत या फर्जी होने का शक है, फार्म-7 भरकर जांच कराए न कि कोई राजनीतिक दल अपने लेटरपैड पर लिखकर जांच कराने की मांग करें। भाजपा सत्ता का दुरुपयोग कर रही है। सपा इस मामले में आंदोलन करेगी।