दिल्ली-सहारनपुर फोरलेन हाईवे के बहाने भाजपा ने 2019 की चुनावी यात्रा शुरू कर दी है। दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाइवे 709-बी का शिलान्यास भर करके केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और यूपी के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने 2019 में पार्टी के लिए दिल्ली का सियासी रास्ता पहले तैयार कर लिया है। फोरलेन 2020 में बनेगी, लेकिन देश में आम चुनाव 2019 में होना है इसलिए शिलान्यास के बहाने गंगा-यमुना के दोआब में सरकारी सौगात उम्मीद के मुताबिक बरसी। किसानों और नौजवानों को ध्यान में रखकर भाजपा ने संभावित विपक्षी महागठबंधन की राह भी रोकनी शुरू कर दी और साफ कर दिया कि चौ. अजित सिंह को उनके घर में ही घेरने की मंशा है।
जिस कैराना उपचुनाव से तीन महीने पहले राष्ट्रीय लोकदल शून्य से गिनती में आया वह इसी फोरलेन के केंद्र में है। 2008 में इसे फोरलेन बनाने की शुरूआत मायावती ने की थी, लेकिन काम पूरा अखिलेश यादव भी नहीं करा पाए। तब यह स्टेट के अधीन दिल्ली से बादशाही बाग (सहारनपुर) तक बननी थी। गडकरी ने इसे एनएच बनाने के लिए अखिलेश यादव से एनओसी मांगी थी, लेकिन दी आदित्यनाथ योगी ने। अजित सिंह भी केंद्र में मंत्री रहते हुए इस पर राजनीति के सिवाय कुछ नहीं कर सके। केंद्र के सामने विपक्ष का सवाल था कि इसे दिल्ली से सिर्फ सहारनपुर शहर तक ही एनएच क्यों घोषित किया? गडकरी ने सिद्धपीठ शाकंभरी देवी तक विस्तार की घोषणा करके विपक्ष को चित्त भी कर दिया और लाखों श्रद्धालुओं की राह भी आसान कर दी।