पुलिस सूत्रों के मुताबिक वीडियो वायरल करने की पूरी पटकथा जिले में तैनात एक कोतवाल ने लिखी। उसी के इशारे पर यह वीडियो वायरल हुई है। यह बात पुलिस के आला अफसरों को भी बता दी गई है। यह कोतवाल फिर से पुराने थाने में अपनी तैनाती चाहते हैं। पुराने थाने से हटने के बाद ही वीडियो वायरल करने का ताना-बाना बुन दिया गया था। वीडियो तो पहले से ही लोगों के पास थी, पर इसे वायरल करने से लोग डर रहे थे।
राजनीतिक गलियारों में दिन भर इस बात को लेकर चर्चा होती रही कि आखिर वीडियो अब क्यों वायरल की गई है। किसे बदनाम करने का यह खेल था। खुद भाजपा के नेताओं ने भी अफसरों को वीडियो वायरल होने की सच्चाई के बारे में बता दिया है। भाजपा के एक गुट के नेता इस बात से भी नाराज हैं कि चांदपुर के कोतवाल कुलदीप सिंह को बेवजह बलि का बकरा बना दिया गया। वह तो विधायक के पास वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए गए थे। तीन दिन पहले ही उनकी तैनाती हुई थी। भाजपा खेमे में अभी तक सीओ के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने पर कार्रवाई दिखी । सीओ के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करने की बात कहकर अफसर पल्ला झाड़ रहे हैं।
कोतवाल को किया सस्पेंड
चांदपुर के कोतवाली कुलदीप सिंह को सस्पेंड किया गया है। मंगलवार को उन्हें लाइन हाजिर किया गया था। सूत्रों के मुताबिक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा.महेंद्रनाथ पांडेय ने इस मसले पर जिले के आला अफसरों से बात की। इसके बाद कोतवाल को सस्पेंड किया गया है।
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