पिछले पेराई सत्र का लटका बकाया भुगतान आखिर किसानों के खातों तक पहुंच गया है। सरकार की मदद के बाद सहकारी क्षेत्र की रमाला और बागपत चीनी मिल के 31 हजार किसानों को खातों में करीब 101 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए हैं। त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले किसानों को भुगतान मिलने से बड़ी राहत मिलेगी।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने बड़ौत में सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों को 885 करोड़ रुपये किसानों को भुगतान के लिए देने का एलान किया था। सरकार की यह सहायता केवल तब तक के लिए है, जब तक मिलों में चीनी का स्टॉक रखा गया है। जिला गन्ना अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि बागपत चीनी मिल के 16323 किसानों के खाते में बुधवार को 56.13 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं।
इसके अलावा रमाला चीनी मिल क्षेत्र के 14804 किसानों के खाते में 45.14 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए गए हैं। दोनों चीनी मिल क्षेत्र के 31127 किसानों के खाते में 101.27 करोड़ की धनराशि ट्रांसफर की गई है। त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले किसानों को राहत मिलेगी। उधर, सहकारी क्षेत्र की दोनों चीनी मिलों का पेराई सत्र 25 अक्तूबर से शुरू हो सकता है। इसके अलावा मलकपुर चीनी मिल पर 22 अक्तूबर से पेराई शुरू कराने के लिए प्रक्रिया चल रही है।
चीनी मिलों पर 401 करोड़ रुपये बकाया
बागपत। जिले की रमाला, बागपत और मलकपुर चीनी मिलों पर किसानों के 401 करोड़ रुपये बकाया है। रमाला मिल पर 4.79 करोड़, बागपत मिल पर 6.75 करोड़ और मलकपुर चीनी मिल पर एक अक्तूबर तक 389.49 करोड़ रुपये बकाया थे। जिला गन्ना अधिकारी सुशील कुमार का कहना है कि मलकपुर मिल के भुगतान की प्रक्रिया जल्द शुरू हो जाएगी। किसानों को नए पेराई सत्र के शुरू होने से पहले भुगतान कराने का प्रयास किया जा रहा है। शासन को जिले की स्थिति से अवगत करा दिया गया है।
बागपत। सरूरपुर कलां गांव के किसानों ने जिला गन्नाधिकारी सुशील कुमार से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि इस बार गन्ने की बंपर पैदावार हुई है। गन्ने का क्रय केंद्र लगे हैं उससे पूर्ति होना संभव नहीं है। किसानों की इस समस्या को देखते हुए गांव में मलकपुर शुगर मिल और दौराला शुगर मिल का क्रय केंद्र लगवाया जाए। जिससे किसान समय पर अपना गन्ना डाल सके।
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