समर्थकों के साथ तबस्सुम हसन
- फोटो : अमर उजाला
रालोद की आईटी सेल ने भी इसमें पूरी मदद की। आईटी सेल सोशल मीडिया पर गन्ना बकाया, कर्जमाफी, डीजल दाम वृद्धि, जुमलेबाजी आदि को गरमाते रहे। किसान मुद्दों को लेकर सबसे ज्यादा मुखर रहने वाली जाट बिरादरी की नाराजगी सरकार से बढ़ती चली गई और उसका वोट प्रतिशत रालोद के पक्ष में बढ़ता चला गया।
सीएम योगी ने चुनावी रैली में चौधरी अजित सिंह व जयंत चौधरी पर बड़ा हमला बोलते हुए नाम लिए बगैर कहा था कि कुछ लोग अस्तित्व बचाने की दुहाई देकर वोट की भीख मांगते हुए घूम रहे हैं। इस बयान ने जाट समाज को काफी आहत किया और भाजपा के साथ जा रहे वोटरों को भी गठबंधन के साथ आने पर मजबूर कर दिया।
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