सहारनपुर के शब्बीरपुर कांड और फिर दो अप्रैल को आरक्षण को लेकर हुए आंदोलन में जिस प्रकार से दलितों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए और गिरफ्तारियां की गई, उससे दलित समाज के लोगों में भाजपा के खिलाफ नाराजगी फैल गई। यही वजह है कि कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव का परिणाम सामने आया, तो उसमें भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा, जबकि गठबंधन की प्रत्याशी तबस्सुम हसन जीत गईं।
वैसे तो बसपा नेताओं ने उपचुनाव से दूरी बनाए रखी, लेकिन मतदान के कुछ दिन पूर्व ही शामली में बसपा का कैडर कैंप भी हुआ था। उसमें बसपा के पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी शमशुदीन राइन सहित विभिन्न बसपा नेता पहुंचे थे।
इस दौरान बसपा नेताओं ने भाजपा की नीतियों की जमकर आलोचना की थी, लेकिन उपचुनाव में बसपा के समर्थन को लेकर नेताओं ने यही कहा था कि अभी पार्टी हाईकमान का संदेश नहीं मिला है। पार्टी अध्यक्ष की तरफ से निर्देश मिलते ही बसपा कार्यकर्ता सैनिक की तरह कार्य में जुट जाएगा। इससे भी दलित समाज को संदेश दिया गया कि भाजपा का विरोध तो जारी रहेगा।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/