यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारी में भाजपा भले ही लोकसभा चुनाव के बाद से जुट गयी हो। लेकिन अभी तक उसने प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद भाजपा ने प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया शुरू की है। मंगलवार को प्रदेश चुनाव संचालन समिति की बैठक में तमाम सीटों के दावेदारों की स्क्रिनिंग कर दो-दो नामों पर मुहर लगायी गयी।
लोकसभा चुनाव में भाजपा का उत्तर प्रदेश में जबरदस्त प्रदर्शन रहा। इसके बाद से ही भाजपा में तमाम दावेदार विधानसभा चुनाव को लेकर सक्रिय होना शुरू हो गये। इस दौरान दूसरी पार्टियों से भी नेता भाजपा में शामिल हुए और टिकट की उम्मीद में सक्रिय हो गये। मेरठ जिले की सात विधानसभा सीटों में सिर्फ सरधना और शहर सीट ऐसी है, जिस पर किसी की दावेदारी नहीं बतायी जा रही है। जबकि अन्य सीटों पर दावेदारों की लंबी लाइनें लगी हैं। इनमें कुछ सीटों पर दूसरी पार्टियों से भाजपा में आये शामिल नेता भी शामिल हैं।
सभी दावेदार भाजपा के साथ ही संघ नेताओं की परिक्रमा कर अपना दावा मजबूत करने में लगे हैं। लेकिन मंगलवार को प्रदेश कोर कमेटी की बैठक होने पर सभी सांसें अटक गईं हैं। क्योंकि यह कमेटी प्रत्येक विधानसभा से अधिकतम दो नाम केंद्रीय कमेटी को देगी। जिसके बाद वहां से इस सूची के आधार पर अंतिम निर्णय लेकर प्रत्याशी घोषित होंगे।
ये है विधानसभा वार दावेदारी की स्थिति
सिवालखास सीट
यहां जाट और गैर जाट प्रत्याशी को लेकर मंथन है। इसमें जाट बिरादरी से जिला पंचायत सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदरपाल सिंह, जितेंद्र सिंह सतवाई, संजय सिंह, अंकुर राणा, अतुल सिंह तथा अनुज राठी शामिल हैं। जबकि गैर जाट से पं. सुनील भराला और संजय त्यागी दावेदारी कर रहे हैं।
किठौर सीट
गुर्जर और त्यागी बिरादरी को लेकर मंथन है। इसमें गुर्जर बिरादरी से रोहताश पहलवान, जितेंद्र वर्मा, रविंद्र गुर्जर और त्यागी बिरादरी से प्रदेश उपाध्यक्ष अश्वनी त्यागी, सत्यवीर त्यागी और अजय त्यागी मैदान में हैं।
हस्तिनापुर सीट
पूर्व विधायक गोपाल काली और पूर्व विधायक अतुल खटीक के साथ ही बसपा से आये पूर्व विधायक विनोद हरित के साथ भाजपा संगठन में जिला महामंत्री रहे दिनेश खटीक दावेदार हैं।
मेरठ दक्षिण सीट
वर्तमान विधायक रविंद्र भड़ाना का टिकट कटना हालांकि मुश्किल नजर आ रहा है। सांसद राजेंद्र अग्रवाल की मजबूत पैरवी भाजयुमो के राष्ट्रीय मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर के पक्ष में है। इनके बीच नरेश गुर्जर एडवोकेट भी यहां से दावेदारी में हैं।
मेरठ कैंट सीट
1989 से अब तक वैश्य बिरादरी को टिकट मिला है और भाजपा का कब्जा रहा है। पिछले तीन चुनावों से पंजाबी वोट यहां कटता नजर आ रहा है। ऐसे में इस बार वैश्य या पंजाबी पर यहां विचार है। वैश्य बिरादरी से वर्तमान विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल के साथ पूर्व विधायक अमित अग्रवाल, मुकेश सिंघल, संजीव जैन सिक्का, पवन मित्तल, बिजेंद्र अग्रवाल, अजय गुप्ता नटराज, विनीत अग्रवाल शारदा जहां दावेदार हैं। तो पंजाबी बिरादरी से महापौर हरिकांत अहलूवालिया, दीवान ग्रुप से जुड़े राजीव दीवान और गौरव कपूर हैं।
मेरठ शहर सीट
वर्तमान विधायक और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का टिकट कटना मुश्किल नजर आ रहा है। फिर भी पार्टी से एक गुट ने यहां से महानगर महामंत्री कमल दत्त शर्मा के पक्ष में पैरोकारी की हुई है। जबकि सरधना सीट पर भाजपा के चर्चित विधायक ठा. संगीत सोम की स्थिति भी यही है। फिर भी यहां से जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा ने आवेदन किया हुआ है।