एक आईपीएस अफसर और एक महिला इंस्पेक्टर पर टिप्पणी करने का मामला मंगलवार को लखनऊ तक गूंज गया। वायरल हुई वीडियो में टिप्पणी करने वाली महिला थाना इंस्पेक्टर के खिलाफ एसएसपी ने सीओ सिविल लाइन को जांच सौंपते हुए दो दिन में रिपोर्ट मांगी है।
एक महिला इंस्पेक्टर की इस वीडियो क्लिप की चर्चा मंगलवार को जहां पुलिस महकमे में रही, तो लखनऊ तक इसकी जानकारी पहुंच गई। इस वीडियो में वह एक आईपीएस अफसर के खिलाफ टिप्पणी करती नजर आ रही हैं। वीडियो में वह कह रही हैं कि उन्हें एक जिले में चार्ज मिलने वाला था। लेकिन, आईपीएस अफसर ने फोन कर वहां के एसएसपी से अपनी शिष्य महिला इंस्पेक्टर को चार्ज दिला दिया। इसके चलते उन्हें मेरठ में अपनी पोस्टिंग करानी पड़ी। वीडियो क्लिप के अनुसार एक महिला इंस्पेक्टर एक आईपीएस अफसर की शिष्य है। वह महिला इंस्पेक्टर जिस जिले में जाती है, वहीं वह फोन करके उसे चार्ज दिला देते है। वहां के एसएसपी ने खुद उनसे कहा कि ऊपर से दबाव है।
एसएसपी ने सौंपी जांच
एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीओ सिविल लाइन को जांच सौंपी है। वहीं, पुलिस ने महिला इंस्पेक्टर की वह वीडियो क्लिप भी जुटा ली है।
इंस्पेक्टर से मांगा स्पष्टीकरण
वहीं, जिस एसएसपी और आईपीएस ऑफिसर को लेकर वीडियो में टिप्पणी की गई है, उन्होंने भी इस मामले में महिला इंस्पेक्टर से स्पष्टीकरण मांग लिया है। इस वीडियो को लेकर पुलिस महकमे में खलबली मची है।
गिर सकती गाज
इस वीडियो में दो आईपीएस अफसर और एक महिला इंस्पेक्टर की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए हैं। जिन पर टिप्पणी करने वाली महिला इंस्पेक्टर पर गाज भी गिर सकती है। उधर, महिला इंस्पेक्टर का कहना है कि मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा। पुलिस की जांच पड़ताल में स्पष्ट हो जाएगा। मैंने आईपीएस अफसर और महिला इंस्पेक्टर पर टिप्पणी नहीं की।