जीत के बाद महापौर के साथ सपा के इकरामुद्दीन
- फोटो : अमर उजाला
उपाध्यक्ष बनते ही इकरामुद्दीन के बसपा ज्वाइन करने पर सपा को झटका लगा है। हालांकि इस संबंध में सपा महानगर अध्यक्ष आदिल चौधरी ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।
कुर्सी पर बैठते ही विवादों में घिरे
हार के बाद भाजपाइयों ने नगरायुक्त को पत्र लिखकर चुनाव प्रक्रिया में आपत्ति लगाने का कोई समय न रखे जाने पर आपत्ति जता दी। निगम एक्ट की धाराओें का उल्लेख करते हुए नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष को अयोग्य घोषित करने और भाजपा प्रत्याशी ललित नागदेव को विधिवत उपाध्यक्ष निर्वाचित घोषित करने की मांग की।
दावा: फर्म 31 मार्च तक रजिस्टर्ड
कार्यकारिणी सदस्य ललित नागदेव ने नगरायुक्त को लिखे पत्र में कहा कि चुनाव प्रक्रिया में आपत्ति दर्ज कराने के लिए कोई समय नहीं दिया गया। जिसके कारण अब चुनाव के बाद में आपत्ति जतानी पड़ रही है। निर्वाचित घोषित किए गए उपाध्यक्ष इकरामुद्दीन की नगर निगम में मै. एमए कंस्ट्रक्शन गली नंबर चार मकान नंबर 230 जाकिर कालोनी के नाम से रजिस्टर्ड है। निगम एक्ट की धारा 25 की उपधारा चार के अनुसार अगर कोई निर्वाचित पार्षद निगम में ठेकेदारी करता है अथवा उसका कोई रिश्तेदार भी निगम में ठेकेदारी करता है तो उसकी सदस्यता सरकार निरस्त कर सकती है। हाल ही में सरकार के निर्देश पर निगम प्रशासन ने सभी रजिस्टर्ड फर्म के ठेकेदारों से ऐसा शपथ पत्र भी लिया है। ललित नागदेव का दावा है कि इकरामुद्दीन की फर्म 31 मार्च 2018 तक के लिए रजिस्टर्ड है। इनकी जांच कराकर तत्काल इनकी सदस्यता खत्म करायी जाए।
तो कोई नहीं बचा पाएगा
भाजपा के पूर्व पार्षद अजय गुप्ता के अनुसार निगम एक्ट की धारा 463 में साफ है कि निगम का कोई कर्मचारी, अधिकारी, सदस्य, महापौर अथवा इनका कोई रिश्तेदार निगम में ठेकेदारी नहीं कर सकता है। कोई प्रमाण मिलने पर कार्रवाई तय है। निगम प्रशासन ने सभी पार्षदों से शपथपत्र भी लिए थे। अगर इकरामुद्दीन निगम के ठेकेदार हैं तो उनकी सदस्यता को कोई नहीं बचा पाएगा।
नगरायुक्त मनोज कुमार चौहान का कहना है कि शिकायत पर जांच करायी जाएगी। अगर नव निर्वाचित उपाध्यक्ष की निगम में फर्म है तो निगम एक्ट के मुताबिक कार्यवाही होगी। पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। पूर्व में सभी से शासन के आदेश पर शपथ पत्र भी लिए जा चुके हैं।
जांच करा लो
नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष निगम कार्यकारिणी इकरामुद्दीन के अनुसार मैं डेढ़ साल पहले निगम में ठेकेदारी करता था। मेरी अपनी फर्म थी। अब मैं निगम में कोई काम नहीं करा रहा हूं। फर्म भी निरस्त हो चुकी है। जांच करा ली जाए।
पूरी तरह अयोग्य
भाजपा महानगर अध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग का कहना है कि निगम एक्ट के मुताबिक इकरामुद्दीन अयोग्य हैं। नगरायुक्त से जांच की मांग की है। अगर जांच नहीं होती है तो सरकार के सामने मामला रखा जाएगा।
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