उत्तर प्रदेश में 3500 करोड़ रुपये के बाइक बोट घोटाले में सात और आरोपियों के नाम सामने आए हैं। ये आरोपी बुलंदशहर और गौतमबुद्ध नगर के रहने वाले हैं। जांच कर रही ईओडब्ल्यू ने इन्हें रडार पर ले लिया है। वहीं मुख्य आरोपी संजय भाटी की पत्नी दीप्ति बहल का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है।
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गौतमबुद्ध नगर में दर्ज बाइक बोट घोटाले से संबंधित 68 मुकदमों की विवेचना आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) मेरठ कर रही है। इसमें अभी तक 22 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। ईओडब्ल्यू के अधिकारियों का कहना है कि दिनेश पांडे, नोबेल बैंक के संस्थापक विजय कुमार शर्मा, वेनिस मॉल के मालिक मोंटू भसीन व बीएन तिवारी की गिरफ्तारी के बाद अन्य जो लोग फरार हैं, उनकी तलाश तेज कर दी गई है। घोटाले में शामिल लोगों के अलग-अलग जनपदों से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
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बढ़ सकता है इनाम
घोटाले में आरोपी दीप्ति बहल निवासी मेरठ, लोकेंद्र व भूदेव निवासी बुलंदशहर पर अभी तक 50-50 हजार का इनाम घोषित है। इन आरोपियों पर जल्द ही एक एक लाख का इनाम घोषित किया जा सकता है। दीप्ति की गिरफ्तारी ईओडब्ल्यू के लिए सिरदर्द बनी है। शासन के कड़े निर्देश हैं कि फरार आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए, लेकिन दीप्ति का कोई सुराग नहीं लग रहा है।
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