भाकियू पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं और किसानों के साथ परतापुर थाने में दिया धरना
पीवीवीएनएल टीम के साथ विजिलेंस की टीम ने कंचनपुर घोपल और जैनपुर गांव में छापा मारकर 44 किसानों के यहां बिजली चोरी पकड़ी थी। शनिवार को इसके विरोध में भाकियू पदाधिकारियों और किसानों ने परतापुर थाने में साढे़ तीन घंटे धरना दिया। बात नहीं बनने पर गुस्साए कार्यकर्ताओं ने हाईवे पर जाम लगा दिया। आनन-फानन में अधिकारियों ने किसानों को न्यूनतम जुर्माना भरने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त हुआ।
परतापुर थाने पर भाकियू के धरने की सूचना पर शनिवार सवेरे ही कई थानों की पुलिस, सीओ और फायर ब्रिगेड को लगाया गया। शनिवार 10 बजे भाकियू नेता विजयपाल घोपला के नेतृत्व में सैकड़ों किसान परतापुर थाने पहुंचे और धरना देकर बैठ गए। कुछ ही देर में बिजली विभाग से एससी टेक्निकल, एसीएम संदीप श्रीवास्तव भी पहुंच गए और किसानों से वार्ता शुरू की। भाकियू नेता ने कहा कि शासन प्रशासन किसान को परेशान कर रहा है। गन्ने का बकाया भुगतान नहीं किया जा रहा है। अब किसानों के घरों पर छापा मारा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसान अब उत्पीड़न सहन नहीं करेगा। इस बीच अफसरों और किसानों के बीच नोकझोंक भी हुई। अधिकारियों के एक घंटे तक कोई निर्णय नहीं लेने पर भाकियू नेता संजय दौरालिया और अनुराग ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर हाईवे पर आडे़ तिरछे टैक्टर-ट्रॉली खड़े कर जमा लगा दिया। वाहनों की लंबी कतारें लगने पर पुलिस ने रूट डायवर्जन करा दिया। बात नहीं बनने पर किसान उखड़ गए और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को जाम करने की धमकी दे डाली। इससे अफसरों के हाथ पैर फूल गए और उन्होंने किसानों के बीच पहुंचकर कहा कि पांच सदस्यीय कमेटी के साथ वार्ता जारी रहेगी। अब बिजली चोरी मामले में किसानों को न्यूनतम जुर्माना देना होगा। जब भी छापा मारा जाएगा इसकी जानकारी किसानों को दी जाएगी। इस आश्वासन पर किसान मानें और धरना खत्म कर जाम खोल दिया। इस अवसर पर सपा नेता पवन गुर्जर, महबूब सोलाना, प्रखर, आदि सैकड़ों किसान मौजूद रहे।