उन्होंने बताया कि धर्म व जातपात से ऊपर उठकर योग्यता को वरीयता दी जानी चाहिए। वहीं, ठाकुर कृपाल सिंह डिग्री कॉलेज रणखंडी में डॉ. शीबा परवीन संस्कृत भाषा पढ़ा रही हैं। सहारनपुर की रहने वाली शीबा ने बताया कि उन्होंने सीसीएस यूनिवर्सिटी से संस्कृत में पीएचडी की है। शीबा ने बताया कि संस्कृत लेते समय उनके परिजनों ने भी कोई एतराज नहीं किया था।
उनका कहना है कि भाषाएं किसी की मोहताज नहीं हैं, इसलिए भाषाओं का बंटवारा धर्म के आधार पर नहीं होना चाहिए। उनका कहना है कि भाषाएं दिलों को तोड़ती नहीं बल्कि जोड़ती हैं।
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