भोले का कारवां और भक्तों का उल्लास
मेरठ/मोदीपुरम। शाम ढलते ही शहर में शुरू हुआ झांकियोें का कारवां आधी रात तक चलता रहा। झांकियों के साथ कांवड़िये विभिन्न प्रकार की वेषभूषा में भक्ति गीतों पर थिरकते नजर आए। आकर्षक झांकियों को देखने के लिए सड़कों के दोनों ओर शाम से ही भीड़ लगी रही। इस दौरान कांवड़ सेवा शिविरों में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए। झांकियों को देखने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से लोग हाईवे पर भारी संख्या में पहुंच रहे हैं। इस दौरान कई लोगों कांवड़ियों के पैर छूकर उनका आशीर्वाद भी लिया।
दिल्ली रोड और हापुड़ रोड स्थित कांवड़ सेवा शिविरों में शाम ढलते ही भगवान शिव और माता पार्वती का रूप धारण किए कलाकार पहुंच रहे हैं। कुछ कलाकार राधा कृष्ण के स्वरूप में भी दिखाई दिए। इन कलाकारों ने भक्ति गीतों पर नृत्य कर सभी को मोहित कर दिया। इस बीच युवा कलाकारों ने करतब भी दिखाए। कांवड़ियों ने भी नृत्य कर अपनी थकान मिटाई। शहर के ज्यादातर शिविरों में शाम ढलते ही रात्रि विश्राम के लिए कांवड़ियों ने रुकना शुरू कर दिया।
एक से बढ़कर एक झांकियां
शिविरों में भी एक से बढ़कर एक झांकियां सजाई गई हैं। इनमें लगी एलईडी और फोकस लाइट्स ने सभी को अपनी तरफ आकर्षित किया। मैट्रो प्लाजा के सामने लगे कांवड़ सेवा शिविर में भोले के महाकाल स्वरूप को दर्शाया गया है। शिव मंदिर के बराबर में लगे शिविर में विशाल डीजे पर कांवड़िये थिरक रहे थे। उधर, बहादुर मोटर्स केे पास लगे शिविर में भगवान शिव और माता पार्वती की विशाल मूर्तियां स्थापित की गई हैं। मूर्तियों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है।
डाक कांवड़ ने दी दस्तक
हाईवे पर शाम ढलते ढलते गाजियाबाद और दिल्ली के कांवड़ियों की संख्या बहुत कम हो गई। वहीं, डाक कांवड़ का कब्जा हो गया। दिल्ली और नोएडा आदि स्थानों की डाक कांवड़ अब हाईवे से गुजर रही हैं। उधर, रुड़की रोड से हापुड़ रोड और दिल्ली रोड पर कांवड़ियों की संख्या बहुत बढ़ गई है। इन मार्गों पर ज्यादातर कांवड़िया मेरठ और हापुड़ सहित आसपास के क्षेत्रों के हैं। मेरठ की डाक कांवड़ सोमवार शाम तक मेरठ पहुंचेंगी।
सच्चे मन से मांगो तो होगी मुराद पूरी
रुड़की रोड से गुजरने वाले ज्यादातर कांवड़िये मेरठ के थे। इनमें महिला सपना अपनी बच्ची गुनगुन को बग्गी में लेकर परतापुर जा रही थीं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव सभी मनोकामना पूर्ण करते हैं। शिवांगी ने बताया कि संतान प्राप्ति के लिए भगवान शिव से मन्नत मांगी थी, जो पूर्ण हो गई।