फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों की संख्या में पहुंचे भीम आर्मी के सदस्य, ये रही बड़ी बातें

Sun, 21 May 2017 10:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
विज्ञापन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर भीम आर्मी सेना का प्रदर्शन
विज्ञापन
सहारनपुर में हुए बवाल के बाद भीम आर्मी सेना ने रविवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान कई हजारों की संख्या में भीम आर्मी के युवा जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए। आज सुबह 10 बजे ही जंतर-मंतर भीम आर्मी के रंग में रंग गया। खास बात यह रही कि ज्यादातर युवा भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण की तरह मुखौटा लगाकर पहुंचे। उनकी मांग थी कि सहारनपुर में दलितों पर हो रहे अत्याचार पर पुलिस सख्त कार्रवाई करे। यह जानना जरूरी है कि चंद्रशेखर का नाम सहारनपुर में हुए बवाल के बाद काफी सुर्खियों में आया और उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई थी।
विज्ञापन


आपको बता दें कि आज सुबह 10 बजे ही जंतर-मंतर भीम आर्मी के सदस्यों से खचाखच भर गया था। आज दिनभर उन्होंने जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि सहारनपुर में दलितों की एक नहीं सुनी जा रही है और उनपर अत्याचार किया जा रहा है। उनके घर जलाए गए लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इससे वे काफी परेशान हैं।
विज्ञापन

दिल्ली के जंतर-मंतर से बोले चंद्रशेखर

जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए भीम आर्मी के युवा
भीम आर्मी के संस्थापक और सहारनपुर पुलिस के लिए वांटेड बने चंद्रशेखर ने कैमरे के सामने कहा था कि दलितों के घर जलाए जाने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने के विरोध में दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन की तैयारी की गई। सहारनपुर में राजपूतों और दलितों के बीच हाल ही में हुई जातीय हिंसा के बाद चर्चा में आये भीम आर्मी के संस्थापक और पेशे से वकील चंद्रशेखर आजाद का आरोप है कि पुलिस उन्हें फंसाने की कोशिश कर रही है। 

उनका कहना है कि 5 मई को शब्बीरपुर गांव में दलितों के घर जलाए जाने के बाद ही जंतर-मंतर पर इकट्ठा होने का फैसला लिया गया था। खास बात यह है कि आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर दलितों की भीड़ को देख अन्य समुदाय के लोग हैरान रह गए। लेकिन यह जानना आपके लिए जरूरी है कि जब सहारनपुर पुलिस ने भीम आर्मी की जांच पड़ताल की तो वह फर्जी संगठन निकला। जिसका सरकार के रिकॉर्ड में कोई रजिस्ट्रेशन नहीं हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें