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'रावण' की रिहाई के लिए भीम आर्मी ने भरी हुंकार, महिला सहित 239 ने दी गिरफ्तारी

Thu, 08 Mar 2018 08:45 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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भीम आर्मी का प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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चंद्रशेखर उर्फ रावण पर लगी रासुका हटाने और रिहाई की मांग को लेकर भीम आर्मी के लोगों ने गुरुवार को कई शहरों में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर रावण को रिहा नहीं किया तो...

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रासुका में निरुद्ध किए गए सहारनपुर हिंसा के आरोपी चंद्रशेखर उर्फ रावण को जेल से रिहा करने की मांग को लेकर भीम आर्मी ने एक बार फिर से ताकत दिखाई और कलक्ट्रेट पर भारी तादात में पहुंचकर धरना प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शब्बीरपुर के प्रधान शिवकुमार एवं सोनू को भी रिहा कराए जाने की मांग की। लगभग ढाई सौ पुरुष एवं महिला कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में ही गिरफ्तारी दी। जिन्हें मौके पर ही रिहा कर दिया गया। 

बृहस्पतिवार को सुबह साढ़े 10 बजे से ही भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं का धीरे-धीरे कर कलक्ट्रेट पर पहुंचना शुरू हो गया। सबसे पहले मल्हीपुर की ओर से जिलाध्यक्ष कमल वालिया के नेतृत्व में एक दर्जन कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन धीरे-धीरे संख्या बढ़नी शुरू हो गई। कार्यकर्ता भीम आर्मी सुप्रीमो चंद्रशेखर उर्फ रावण, शब्बीरपुर के प्रधान शिव कुमार एवं सोनू से रासुका हटाए जाने एवं रिहा किए जाने की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। 11:30  बजने तक कार्यकर्ताओं की संख्या सैकड़ों में पहुंच गई। दोपहर 12 बजे तक सैकड़ों महिलाएं भी कलक्ट्रेट में हुए प्रदर्शन में शामिल हो चुकीं थीं। सैकड़ों कार्यकर्ताओं की नारेबाजी से कलक्ट्रेट गूंज उठा। कार्यकर्ताओं ने पुलिस, प्रशासन तथा सरकारों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि भीम आर्मी के पदाधिकारियों पर झूठे मुकदमे किए गए और रासुका लगाकर उनका उत्पीड़न किया गया। जबकि शब्बीरपुर के 56 घरों में आग लगाने वालों पर धीमी गति से कार्रवाई की जा रही है। भाजपा का दलितों के साथ दोगलापन किया जा रहा है। जब तक चंद्रशेखर, शिवकुमार और सोनू को रिहा नहीं किया जाता, तब तक भीम आर्मी का आंदोलन चलता रहेगा। अभी तो यह सांकेतिक गिरफ्तारी का आंदोलन है। शीघ्र ही उन्हें रिहा नहीं किया गया तो पूरे देश में जेल भरो आंदोलन चलाया जाएगा।
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पढ़ें : जिग्नेश बोले- चंद्रशेखर को रिहा नहीं किया तो योगी को नहीं छूने देंगे आंबेडकर की प्रतिमा

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प्रदर्शन करती महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
जिलाध्यक्ष कमल सिंह वालिया ने कहा कि भीम आर्मी दलितों पर जुल्म बर्दाश्त नहीं करेगी। सरकार को फर्जी एनकाउंटर का जवाब देना होगा। राष्ट्रीय प्रवक्ता मंजीत सिंह नौटियाल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें दलितों पर जुल्म कर रहीं हैं, उन्हें आवंटित पट्टे छीन लिए हैं। 18 मार्च को इस मामले में सभा कर आगे के आंदोलन का निर्णय लेगी।

भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में ही गिरफ्तारी दी। पुलिस ने कलक्ट्रेट से लगभग ढाई सौ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। सिटी मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन लेकर मौके से ही सभी को रिहा करा दिया। 

यह रहीं मांगे 
सौंपे गए ज्ञापन में चंद्रशेखर उर्फ रावण, शिव कुमार प्रधान एवं सोनू पर लगाए गए मुकदमे एवं रासुका निरस्त किए जाएं, सभी पदाधिकारियों- कार्यकर्ताओं से मुकदमे वापस लिए जाएं, शब्बीरपुर के पीड़ितों को उचित मुआवजा दिया जाए, सड़क दूधली में जातीय हिंसा कराने के आरोपी भाजपा सांसद राघव लखनपाल शर्मा, राहुल लखनपाल, अमित गगनेजा पर कार्रवाई की जाए, शब्बीरपुर में हुई जातीय हिंसा के आरोपियों के मुकदमे फास्ट ट्रैक कोर्ट के तहत कार्रवाई कर सजा दी जाए, कासगंज की हिंसा के दोषियों की गिरफ्तारी कर उन पर कार्रवाई की जाए।  

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