वहीं ज्ञापन में हिंसा के दौरान झूठे एवं फर्जी मुकदमों में जेलों में डाले गए दलित समाज के लोगों पर दर्ज मुकदमे वापस लेकर तत्काल रिहा करने, निर्दोषों से रासुका हटाने, प्रशासनिक हिंसा में मरने वाले लोगों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने, मृतक आश्रितों को एक करोड़ देने, कमजोर वर्ग के लोगों को शस्त्र लाइसेंस देने, आंदोलन को हिंसा का रूप देने वाले अफसरों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग रखी गई। ज्ञापन देने वालों में भीम आर्मी के रजत मिठारिया, अभिनव पालीवाल, अजय, सचिनदेव भारती, मोनू गौतम, टिकम बौद्ध, मिंटू, जितेंद्र आदि शामिल रहे।
सेल्फी को लेकर जुटे युवा
भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर के साथ सेल्फी लेने को दलित युवाओं में काफी क्रेज देखा गया। काफी देर तक युवक सेल्फी लेने में लगे रहे। हालांकि चंद्रशेखर भी युवाओं में घुलते मिलते दिखाई दिए।
अनुशासन का परिचय दें कार्यकर्ता
भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं से चंद्रशेखर ने कहा कि प्रशासन ने हंगामे के डर से हमें जनसभा की अनुमति नहीं दी। हम सब अनुशासित कार्यकर्ता हैं, पूरे कार्यक्रम में अनुशासन का परिचय दें। चंद्रशेखर के निर्देश के बाद समस्त कार्यकर्ताओं ने अनुशासन का अच्छा परिचय दिया।
प्रदर्शन के दौरान छावनी में तब्दील कचहरी
भीम आर्मी के प्रदर्शन के दौरान कलक्ट्रेट को छावनी बनाया गया था। बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी को लगाया गया। चंद्रशेखर के आने की सूचना पर पूरा प्रशासन सजग नजर आया। कार्यक्रम खत्म होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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