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किसानों का गेहूं रोकने पर भाकियू का हंगामा, फिर ऐसे सुलझा मामला, अब ऑनलाइन कराना होगा रजिस्ट्रेशन

Fri, 15 May 2020 06:51 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली
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किसानों से बात करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा की पानीपत मंडी में गेहूं बेचने जा रहे किसानों को पहले यूपी सीमा और फिर बाद में हरियाणा सीमा पर रोक लिया गया। इससे नाराज भाकियू नेताओं ने हंगामा किया। राकेश टिकैत की प्रशासन और हरियाणा के अफसरों से फोन पर बात हुई। इसके बाद हरियाणा के अधिकारियों की किसान नेताओं से वार्ता के बाद मामला सुलझा।

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शामली जिले में शुक्रवार को कई स्थानों के किसान अपना गेहूं हरियाणा की पानीपत मंडी में बेचने जा रहे थे। आरोप है कि यमुना पुल पर कैराना तहसील प्रशासन की टीम ने गेहूं रोक दिया। किसानों से गेहूं को जिले के ही गेहूं क्रय केंद्र पर बेचने को कहा गया। किसानों ने भाकियू नेताओं को फोन पर इसकी जानकारी दी। 

भाकियू जिलाध्यक्ष कपिल खाटियान, प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप पंवार, मंडल अध्यक्ष भंवर सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष आदि भाकियू नेता मौके पर पहुंच गए और गेहूं रोकने पर अफसरों से नाराजगी जताई। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौ. राकेश टिकैत को भी सूचना दे दी गई। टिकैत की डीएम और एसपी से बात हुई। इसके बाद एसडीएम कैराना आदि ने मौके पर पहुंचकर किसानों का गेंहू हरियाणा के लिए निकाल दिया, लेकिन हरियाणा की सीमा में जाते ही पानीपत जिले के अफसरों ने किसानों की ट्रॉलियां रोक दी। किसानों ने फिर भाकियू नेताओं को सूचना दी तो वह गुस्सा गए और मौके पर पहुंच गए। उन्होंने राकेश टिकैत को पूरा मामला बताया। 
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भाकियू प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप पंवार के अनुसार राकेश टिकैत ने सीधे पानीपत के प्रशासनिक अफसरों से बात की और नाराजगी जताई। कुछ ही देर बाद पानीपत के मंडी समिति सचिव, वहां के थानाध्यक्ष, नायब तहसीलदार आदि अधिकारी मौके पर पहुंचे और उनसे वार्ता की।

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हरियाणा के अफसरों से वार्ता के बाद सुलझा मामला 

भाकियू नेताओं के अनुसार पानीपत के मंडी अधिकारियों ने बताया कि वह लोग यूपी का गेहूं खरीदने से मना नहीं कर रहे। कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार उनके यहां मंडी में भीड़ ना हो इसलिए सोशल डिस्टेसिंग की वजह से गेहूं बेचने वाले किसानों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। रजिस्टर्ड किसान का गेहूं किस दिन खरीदा जाएगा। उससे पहले ही किसान पर फोन या एसएमएस से सूचना आ जाएगी। उस दिन वो अपना गेंहू लाकर बेच सकता है। इसलिए यूपी के किसान अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा लें और जिस दिन उनका नंबर आएगा वो गेहूं लाकर बेच सकते हैं। उनकी बातों से किसान और भाकियू नेता संतुष्ट हो गए और मामला सुलझ गया। अब ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद ही किसान वहां गेहूं ले जाएंगे।

टिकैत के आने की सूचना से मची बैचेनी

दरअसल, गेहूं रोकने की सूचना पर भाकियू नेता राकेश टिकैत के मौके पर पहुंचने का शोर मच गया। प्रशासन तक बात पहुंची तो एसपी ने उनसे बात की। एसपी विनीत जायसवाल ने बताया कि प्रशासन स्तर से भी प्रयास किए गए, जिसके बाद राकेश टिकैत को भी अवगत कराया गया। इसके बाद प्रशासन ने उनका आना किसी तरह रुकवाया।

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