बीमारी से आम पर काले धब्बों को दिखाता युवक।
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दौराला। लॉकडाउन के चलते आम दूसरे जिलों व राज्यों में न जाने से बाग ठेकेदार परेशान हैं। अब आम के पेड़ों को होपर बीमारी ने जकड़ना शुरू कर दिया है। जिसके चलते आम की कैरेट आधे दामों में जा रही है।
आम की सबसे अधिक पैदावार किठौर थाना क्षेत्र के शहाजहांपुर होती है। अन्य कस्बों व गांवों में भी आम के बाग काफी संख्या में है। लॉकडाउन के चलते आम बाहर नहीं जा सका। जिस कारण ठेकेदारों को औने पौने दामों पर यहीं आम को बेचना पड़ा। पहले से ही घाटा झेल रहे ठेकेदारों को अब बाग में होपर बीमारी लगने से अधिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। खतौली निवासी इरशाद ने बताया कि वह हर वर्ष आम का बाग ठेके पर लेता है। इस बार उसने सकौती स्थित लगभग 60 बीघा का बाग ठेके पर लिया। वहीं सकौती निवासी सरसफराज ने लगभग 120 बीघा का बाग ठेके पर लिया। ठेकेदारों ने बताया कि कोरोना काल में आम की कीमतों में गिरावट आई। बाहर आम न जाने के कारण आम को औने पौने दाम पर बेचना पड़ा। उन्होंने बताया कि इस बार बागों में होपर बीमारी आई। इस बीमारी के कारण आम काला पड़ जाता है और खुद ही टूटकर नीचे गिर जाता है। आम में काला दाग आ जाने से उपभोक्ता आम को नहीं खरीद रहे है। ऐसे में उन्हें 20 किलो की 450 वाली कैरेट को 100 रुपये में बेचना पड़ रहा है। किसी तरह वह बाग में आए खर्चे को पूरा कर रहे है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष उन्होंने पूर्व वर्ष के मुकाबले अधिक दवाईयों का छिड़काव किया, परंतु इसके बावजूद भी होपर बीमारी ने आग को जकड़ लिया।
आम के बाग में होपर बीमारी लगने से आम पर पड़े काले धब्बे।- फोटो : LAWARD